अतिरिक्त जिला न्यायालय ने निचली अदालत का आदेश पलटा
सह-स्वामी महिला को अस्थायी संरक्षण देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घर के आंगन से सीवर लाइन बिछाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय घुमारवीं ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने सीवर लाइन बिछाने पर अस्थायी रोक लगाते हुए निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया। अब मुख्य मुकदमे के अंतिम निपटारे तक जल शक्ति विभाग समेत अन्य प्रतिवादी महिला की जमीन में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे और वहां से सीवर पाइप लाइन भी नहीं बिछा सकेंगे।
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने फैसले में कहा कि महिला भूमि की सह-स्वामी और कब्जे में है। ऐसे में उसे अपनी जमीन की सुरक्षा का अधिकार है। अदालत ने माना कि महिला प्रथम दृष्टया मामला, सुविधा का संतुलन और ऐसी क्षति की आशंका के आधार पर अस्थायी संरक्षण पाने में सफल रही है, जिसकी भरपाई बाद में आसानी से नहीं हो सकती।
मामला घुमारवीं की आदर्श कॉलोनी के वार्ड नंबर चार का है। महिला ने अदालत में कहा था कि उसकी जमीन से सीवर लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। उसके अनुसार प्रस्तावित लाइन घर के दरवाजे के पास से होकर गुजरनी है, जिससे उसे परेशानी के साथ स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी हो सकता है। महिला का यह भी कहना था कि सीवर लाइन बिछाने के लिए आसपास वैकल्पिक जमीन उपलब्ध है और उसकी सहमति भी नहीं ली गई।
विभाग ने महिला की मांग का विरोध किया था। विभाग की ओर से अदालत में कहा गया कि क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए सीवर लाइन बिछाई जा रही है। प्रस्तावित लाइन नगर परिषद घुमारवीं की ओर से बनाए गए रास्ते के नीचे से डाली जानी है और काम पूरा होने के बाद रास्ते को पहले की स्थिति में बहाल कर दिया जाएगा। नगर परिषद की ओर से भी इसके लिए अनापत्ति दिए जाने की बात अदालत के समक्ष रखी गई।
निचली अदालत ने महिला की अस्थायी रोक लगाने की अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ महिला ने अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत में अपील की है।