लोगों को जागरूक करने के बावजूद तीमारदार नहीं दे ध्यान
परिसर में हर जगह लग रहे कूड़े के ढेर, मरीजों की सेहत पर डाल रहे असर
प्रबंधन हर माह चलाता है स्वच्छता अभियान, लोग नहीं निभा रहे अपनी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर जैसे अत्याधुनिक संस्थान में जहां मरीजों के इलाज और देखभाल की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहीं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रबंधन की लाख कोशिशों के बाद भी तीमारदार साफ सफाई को लेकर ध्यान नहीं रख रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन लगातार सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के प्रयास कर रहा है, लेकिन, तीमारदारों और आगंतुकों की लापरवाही के चलते यह व्यवस्था बार-बार प्रभावित हो रही है।
परिसर के कई हिस्सों में जगह-जगह कूड़े के ढेर देखने को मिलते हैं। प्रतीक्षालय, कॉरिडोर, वार्डों के बाहर, सीढ़ियों और पार्किंग क्षेत्र में खाने-पीने के खाली पैकेट, प्लास्टिक की बोतलें, कप और इस्तेमाल किए गए मास्क व टिश्यू पड़े मिल जाते हैं। लोग भूल जाते हैं कि अस्पताल की स्वच्छता बनाए रखना केवल सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर मरीज, उनके परिजन और आगंतुकों की साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मी दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। मगर जब लोग स्वयं गंदगी फैलाते हैं, तो उनकी मेहनत व्यर्थ हो जाती है। कई लोग बाथरूम की दीवारों को गंदा कर देते हैं, वहां कपड़े सुखा देते हैं या खुले में इस्तेमाल किए गए मास्क और टिश्यू फेंक देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल सिर्फ इलाज की जगह नहीं, बल्कि ऐसा स्थान है जहां मरीजों की मानसिक और शारीरिक सेहत का ध्यान रखा जाता है। गंदगी का माहौल मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है।
एम्स प्रशासन ने पूरे परिसर में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए हैं, ताकि लोग कचरा इधर-उधर न फैलाएं। साथ ही नियमित रूप से स्वच्छता निरीक्षण और हर माह स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। बावजूद इसके लोग अनदेखी कर रहे हैं। आमतौर पर तीमारदार, आगंतुक अस्पताल की सफाई की जिम्मेदारी का ठीकरा प्रबंधन पर फोड़ते हैं, लेकिन जब अपनी जिम्मेदारी निभाने की बात आती है तो लापरवाही बरतते हैं। वहीं एम्स प्रबंधन ने साफ संदेश दिया गया है कि अस्पताल परिसर को स्वच्छ रखना सबकी साझी जिम्मेदारी है। प्रबंधन सफाई का पूरा ख्याल रखता है। आगंतुकों से आग्रह किया गया है कि वे कचरा केवल डस्टबिन में डालें, बाथरूम, गलियारे या प्रतीक्षालय को गंदा न करें और किसी भी जगह गंदगी दिखने पर तुरंत अस्पताल स्टाफ को सूचित करें।
एम्स बिलासपुर परिसर में जगह.जगह फेंका गया कचरा। संवाद