भराड़ी(बिलासपुर)। जिला परिषद का बेहद अहम माने जाने वाले वार्ड नंबर 2 डंगार में कई दिग्गजों के चुनाव मैदान में उतरने से बड़े बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस वार्ड में कुछेक उम्मीदवार दोनों दलों के दिग्गज नेताओं की करीबी माने जाते हैं। इसी कारण क्षेत्र में लोग इन उम्मीदवारों की हार जीत को बड़े नेताओं से जोड़ कर देख रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के डंगार वार्ड से भाजपा ने कुलतार पटियाल को उमीदवार बनाया है। वहीं भाजपा विचारधारा के ही जोरावर सिंह भी इस बार मैदान में हैं। भाजपा ने पिछली बार जोरावर सिंह को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन जोरावर सिंह के इस बार अटल सेना से जुड़ जाने के बाद कुछ बातें निकलकर सामने आई तो उन्होंने अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए बड़े नेताओं से दूरी बना ली। भाजपा को तरजीह देने वाले भाजपा मंडल महामंत्री रह चुके जोरावर अनुराग ठाकुर के बेहद करीबी माने जाते हैं। जोरावर पटियाल पिछला जिला परिषद का चुनाव महज 400 वोटों से हार गए थे। कुलतार पटियाल वर्तमान में गाहर पंचायत के प्रधान के तौर पर प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। गाहर सीट इस बार रिजर्व होने के कारण वे जिला परिषद में भाजपा के समर्थित उम्मीदवार बनाए गए हैं। कुलतार स्थानीय विधायक और मंत्री राजेंद्र गर्ग के करीबी हैं। जोरावर और कुलतार चचेरे भाई हैं और चुनाव मैदान में एक दूसरे को सीधी टक्कर देने की फिराक में हैं।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने किसी भी उम्मीदवार को अपना समर्थन नहीं दिया हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी से जुड़े तीन उम्मीदवार इस बार जिला परिषद के तौर पर मैदान में हैं। एक तरफ वर्तमान जिला परिषद सदस्य अमी चंद सोनी फिर से मैदान में हैं। सोनी के पिता स्वर्गीय रतनलाल सोनी पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी माने जाते थे। वीरभद्र सिंह जब मुख्यमंत्री हुआ करते थे तो सोनी परिवार के साथ मित्रता काफी नजदीक से थी। रत्न लाल सोनी के देहांत के बाद उनके पुत्र अमीचंद सोनी जिला परिषद के तौर में विजयी हुए थे। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व मंत्री रहे रंगीलाराम राव के भांजे कमल राव भी जिला परिषद के लिए चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। तो वर्ष 2005 में जिला परिषद सदस्य रहे आईडी शर्मा भी भाग्य आजमा रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के लोग बेशक मैदान में हों लेकिन इस वार्ड पर कुछेक बड़े नेताओं के नाम भी प्रत्याशियों से जोड़ कर जीत हार देखी जा रही है।