स्वारघाट के कहलूर ग्रीष्मोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में पंजाबी गायक हरमिंदर नूरपुरी तथा सर्वजीत ने दर्शकों को खूब झुमाया। कलाकारों ने खुले वेडे मित्रां दे जदों मर्जी मार ले गेडा... हायो रब्बा धियां क्यों हुंदिया पराइयां ने..., अपना पंजाब होवे घर दी शराब होवे... शराबी पल्ले पै गया हाय ओ मेरआ रब्बा...,साडा रब्ब है जो देंदा सब नूं तरक्कियां... सहित एक से बढ़कर एक गाने की प्रस्तुति से लोगों का मनोरंजन किया।
अंतिम सांस्कृतिक संध्या पर प्रदेश कामगार कल्याण श्रम बोर्ड के अध्यक्ष बाबा हरदीप सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। बाबा हरदीप सिंह ने कहलूर ग्रीष्मोत्सव समिति को 11000 रुपये की धनराशि देने की घोषणा की। मेले के दौरान दो सांस्कृतिक संध्याओं में आए कलाकारों का खर्च भी वहन किया। इस अवसर पर उन्होंने सांस्कृतिक संध्याओं में भाग लेने वाले प्रतिभागी कलाकारों को पुरस्कार दिए।
कहलूर ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष पुरषोतम चंद ने बताया कि जहां पर बल्लियां में यह मेला होता है। वह सोलन तथा बिलासपुर जिला का संगम है। इसलिए लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अगले वर्ष से यह मेला कहलूर-हंडूर ग्रीष्मोत्सव मेले से जाना जाएगा।