जोखिम उठाने में हिचकिचाते हैं कई चिकित्सक, रात को नहीं मिलती सेवाएं
जिले में लगातार सामने आ रहे सांप के काटने के मामले
भरोसे की कमी के कारण सर्पदंश के मरीजों को सीधे बड़े अस्पतालों में ले जा रहे परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में क्षेत्रीय अस्पताल से लेकर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी स्नेक वेनम स्वास्थ्य विभाग ने उपलब्ध करा दिया है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी वेनम का इंजेक्शन लगने की गारंटी नहीं है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम की उपलब्ध होने के बाद भी अधिकतर चिकित्सक जोखिम उठाने में हिचकिचाते हैं और तत्काल उच्च स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर कर देते हैं। वहीं, कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की कमी के कारण रात और छुट्टी वाले दिन ताले लटके रहते हैं। इसी कारण लोगों में भी सीएचसी स्तर सर्पदंश का उपचार कराने के लिए भरोसे की कमी है। सर्पदंश के परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भरोसा नहीं करते हैं और सीधे कई किलोमीटर दूर सिविल अस्पताल, जिला अस्पताल या एम्स ले जाते हैं। इसी बीच जहर चढ़ जाने के कारण मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देता है या जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को यह विश्वास नहीं दिलाता है कि सांप के काटने का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही उपलब्ध है।
शनिवार रात को डंगार क्षेत्र में एक बच्ची को सांप ने काट लिया। उसके परिजन भी उसे सीधे घुमारवीं सिविल अस्पताल ले गए थे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया था। इसी तरह रविवार शाम को शाहतलाई के ताबंडी गांव में एक बच्चे को सांप ने काट लिया। भरोसे की कमी के कारण बच्चे के परिजन उसे सीएचसी तलाई ले जाने के बजाए पहले निजी अस्पताल ले गए। निजी अस्पताल से बच्चे को एम्स रेफर कर दिया। बच्चे का उपचार एम्स में चल रहा है।
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इस तरह करें बचाव
बरसात के मौसम में बाहर निकलते समय बूट, मोटे कपड़े का पैंट आदि पहने। सांप दिखने पर पास न जाएं और न ही उसे मारने की कोशिश करें, उसे बचकर जाने दें। हलचल एवं कंपन आदि से सांप दूर भागते हैं। सर्पदंश पर घबराएं नहीं, आराम से लेट जाएं, कपड़े ढीले कर दें, चूड़ी, कड़े, घड़ी, अंगूठी जैसे आभूषण निकाल दें। छोटे बच्चे, वृद्ध और अन्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों में जहर का असर गंभीर हो सकता है, इनके उपचार में देरी न करें। घाव के साथ छेड़छाड़ न करें। दौड़ने भागने से जहर तेजी से शरीर में फैलता है।
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सर्पदंश के बाद लक्षण
जहरीले सांप के काटने के स्थान पर तेज दर्द, छाला पड़ना, सूजन, लालिमा, नीलापन, रक्तस्त्राव, काला पड़ना या सुन्न होना हो सकता है। सांप के जहर के असर से व्यक्ति के काटे वाले भाग के पूरे अंग में तेज दर्द हो सकता है। कम ब्लडप्रेशर, कमजोर नाड़ी, बढ़ी धड़कन, उल्टी, दस्त, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, देखने में दिक्कत, हाथ-पैर ठंडा होना, सुन्न पड़ना, पसीना आना आदि सांप काटने के लक्षण हो सकते हैं।
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झाड-फूंक में न पड़े, मरीज को सीधे अस्पताल पहुंचाए : डॉ. परविंदर
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंदर सिंह ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम जिला अस्पताल से लेकर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप के काटने पर झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें। मरीज को सीधे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचाएं। इसके अलावा घरों के आसपास झाड़ियों को न उगने दें और सफाई रखें।