महिलाओं को पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत पशुओं के उपचार के लिए किट देते हुए संस्थान के निद
-महिलाओं को पशुओं की सामान्य बीमारियां, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण की दी जानकारी
-20 पशु सखी महिलाओं को किया प्रशिक्षित, बांटीं उपचार किट
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। मानव विकास संस्थान कलोल ने ग्रामीण क्षेत्रों में पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। मानव विकास संस्थान के निदेशक रसम चंदेल ने बताया कि पशु सखी उन महिलाओं को दी जाने वाली उपाधि है, जिन्हें संस्थान द्वारा कार्यरत गांवों से चुना जाता है।
यह पशु सखियां अपने गांवों में छोटे और बड़े पशुओं का प्राथमिक उपचार करेंगी। इस पहल से पशु सखियों को आय का स्रोत प्राप्त होगा और गांवों में पशुओं के लिए बुनियादी उपचार की व्यवस्था स्थापित होगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को 20 पशु सखी महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पशु सखियों को पशुओं की सामान्य बीमारियां, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण और पशु स्वास्थ्य प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आवश्यक कौशल सिखाए। प्रत्येक पशु सखी को उपचार किट भी प्रदान की गई, जिसमें प्राथमिक उपचार के लिए दवाइयां और उपकरण शामिल हैं। यह किट पशु सखियों को त्वरित और प्रभावी उपचार प्रदान करने में सहायक होगी। संस्थान का यह प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पशु सखियों अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी और गांवों में पशु चिकित्सा सेवाओं की कमी को पूरा करेंगी। प्रशिक्षण प्राप्त पशु सखियों ने बताया कि यह अवसर उनके लिए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा। उपचार किट और संस्थान के समर्थन से यह पहल ग्रामीण भारत में पशु स्वास्थ्य और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक नई शुरुआत है। इस अवसर पर मानव विकास संस्थान के निदेशक, परियोजना प्रबंधक और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।