एम्स में कारण, दुष्प्रभाव और गुस्सा प्रबंधन के बताए उपाय
बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने साझा की जानकारी
संबद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर की मनोचिकित्सा ओपीडी में गुस्सा प्रबंधन विषय पर स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता हुई। इसमें गुस्से को एक सामान्य मानवीय भावना बताते हुए इसके कारणों, ट्रिगर और अनियंत्रित गुस्से से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई।
सत्र में बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष (बैच 2024) के विद्यार्थियों ने गुस्सा प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गुस्सा अपने आप में असामान्य भावना नहीं है, लेकिन जब यह बार-बार, अत्यधिक या अनियंत्रित रूप से व्यक्त होने लगे तो व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ परिवार और कार्यस्थल के संबंधों पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस दौरान गुस्से से जुड़े भ्रमों को दूर करने के साथ अस्वस्थ गुस्से के संकेत और लक्षणों पर भी चर्चा की गई।
प्रतिभागियों को बताया कि अनियंत्रित गुस्से से तनाव बढ़ सकता है, मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है और पारिवारिक व सामाजिक संबंधों में परेशानी आ सकती है। गुस्सा आने के कारणों और परिस्थितियों को पहचानना इसके प्रबंधन का पहला कदम बताया गया।
गुस्से को नियंत्रित करने के लिए कुछ समय के लिए संबंधित परिस्थिति से दूरी बनाने वाली टाइम आउट रणनीति, गहरी सांस लेने, मांसपेशियों को क्रमिक रूप से रिलैक्स करने और गिनती करने जैसे उपाय बताए गए। इसके अलावा सकारात्मक आत्मसंवाद, प्रभावी संवाद, अपनी बात दृढ़ता से रखने की क्षमता विकसित करने, समस्या का समाधान तलाशने, नियमित शारीरिक गतिविधि करने और भावनाओं को लिखने यानी जर्नलिंग की सलाह दी गई।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि गुस्सा नियंत्रित करने में लगातार परेशानी हो रही हो तो जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ से मदद लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।