झंडूता प्रोजेक्ट कमेटी की बैठक में पेंशन, मेडिकल सुविधा और अन्य मांगों पर हुई चर्चा
पुराने मोबाइल बदलकर स्मार्टफोन और टैबलेट देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन (सीटू) की झंडूता प्रोजेक्ट कमेटी की बैठक बरठीं में आयोजित की गई। बैठक में प्रोजेक्ट के सभी सर्किलों की चुनी हुई सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में यूनियन ने प्रदेश सरकार से मांग की कि आंगनबाड़ी में कार्यरत वर्करों और हेल्परों को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देते हुए नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रही आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। यूनियन ने मांग की कि आंगनबाड़ी कर्मियों को चुनाव ड्यूटी में लगाए जाने पर उचित इंसेंटिव दिया जाए। इसके अलावा पुराने और खराब हो चुके मोबाइल फोन को बदलकर उच्च गुणवत्ता वाले स्मार्टफोन या टैबलेट उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई। बैठक में आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए पेंशन, ग्रेच्युटी और मेडिकल सुविधा लागू करने की मांग की गई। साथ ही प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों को दोबारा आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजने और उन्हें पढ़ाने का जिम्मा आंगनबाड़ी कर्मियों को सौंपने की मांग भी रखी गई।
यूनियन ने वर्दी के लिए उचित आर्थिक सहायता देने, जूते और छाते के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराने, मोबाइल रिचार्ज, स्टेशनरी, स्टॉक रजिस्टर, फोटोस्टेट, टीए बिल, सीबीई बिल और फ्लेक्सी फंड की सुविधा देने की मांग की। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में वजन मशीनें उपलब्ध कराने और हर महीने समय पर एकमुश्त मानदेय/वेतन जारी करने की मांग भी उठाई गई। बैठक में विशेष रूप से मांग की गई कि आयुष्मान कार्ड योजना में आंगनबाड़ी कर्मियों को शामिल करते हुए उनके पूरे परिवार को भी इसका लाभ दिया जाए। यूनियन ने बजट कटौती के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का आह्वान किया। बैठक में सीटू जिलाध्यक्ष लखनपाल, यूनियन प्रधान सुषमा कालिया, सचिव इंदू, रीता, अनु, नीना, अनिता, आशा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।