वर्षा शालिका में आराम करते भराड़ी अस्पताल के एंबुलेंस कर्मी। संवाद
भराड़ी अस्पताल में कर्मियों को रहने के लिए दिया है टीबी सैंपल रूम
टीबी सैंपल रूम में ठहरने के लिए कर्मचारियों ने किया इंकार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उप तहसील भराड़ी की करीब 40 हजार की आबादी को आपातकालीन सेवाएं देने वाले एंबुलेंस कर्मियों ने वर्षाशालिका में बिस्तर लगाकर रात गुजारी। ऐसी स्थिति में न केवल उनके स्वास्थ्य बल्कि आमजन की सुरक्षा को भी सवालों के घेरे में ला दिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी के प्रबंधन ने एम्बुलेंस कर्मियों के लिए एक ऐसा कमरा निर्धारित किया है, जिसमें टीबी के सैंपल रखे जाते हैं। इस आदेश के विरोध में एंबुलेंस कर्मियों ने वहां रहने से साफ मना कर दिया और मजबूरन अस्पताल परिसर के नजदीक स्थित वर्षाशालिका में रात गुजारी। बता दें कि अब तक एंबुलेंस कर्मियों को अस्पताल भवन के भीतर एक अलग कमरे में ठहराया जाता था, लेकिन दो दिन पहले ही अस्पताल प्रशासन ने अचानक आदेश जारी कर उनके ठहरने का स्थान बदल दिया। नए आदेश के तहत उन्हें जिस कमरे में शिफ्ट किया गया, उसमें लंबे समय से टीबी मरीजों के सैंपल रखे जाते हैं। संक्रमण के खतरे को देखते हुए एंबुलेंस कर्मियों ने इस कमरे में ठहरने मना कर दिया। एंबुलेंस कर्मियों का कहना है कि वे दिन-रात लोगों की सेवा में लगे रहते हैं। किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को घर से अस्पताल लाने और फिर बड़े अस्पतालों में रेफर करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर होती है। ऐसे में यदि उन्हें टीबी सैंपल वाले कमरे में ठहरने के लिए बाध्य किया जाता है, तो उनके संक्रमित होने की आशंका बनी रहती है। एंबुलेंस कर्मियों ने बताया कि वो 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं। मरीजों की जान बचाने के लिए हर समय तैयार रहते है, लेकिन यदि हमें ऐसे कमरे में ठहरने को कहा जाएगा जहां संक्रमण का खतरा हो तो यह हमारी ही नहीं पूरी जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ है। कर्मियों ने इस मुद्दे को अस्पताल प्रबंधन के समक्ष रखा है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।