राजधानी शिमला में फैले पीलिया के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी हो गया है। बिलासपुर में भी पानी की शुद्धता को लेकर पेयजल और सेहत महकमा हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निर्देशों पर अमल करते हुए दोनों ही विभागों ने पेयजल योजनाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया है। पेयजल भंडारण टैंकों के साथ ही जगह-जगह से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके लिए आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग ने खास योजना तैयार की है।
राजधानी शिमला में फैले पीलिया की वजह से हजारों लोग बीमार हो गए हैं। लिहाजा, सरकार ने पूरे प्रदेश में पानी की शुद्धता की जांच के आदेश दिए हैं। इस कड़ी के तहत बिलासपुर में भी स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग अलर्ट हो गया है। दोनों ही विभागों ने पानी की जांच के लिए योजना तैयार की है। कई स्थानों पर जहां दोनों ही विभाग एक साथ मिलकर पानी की जांच कर रहे हैं तो कहीं विभाग अपने-अपने स्तर पर अलग से भी पानी की जांच कर रहे हैं। आईपीएच विभाग ने तो पानी के भंडारण टैंकों की भी सफाई भी शुरू कर दी है।
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घुमारवीं में भरे पानी के चार सैंपल
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं में स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न स्थानों पर पानी के सैंपल भरे हैं। घुमारवीं में चार स्थानों से पानी के सैंपल लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग घुमारवीं के खंड चिकित्सा अधिकारी के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिक्षक सुनील कुमार, मियादीन, विद्या सागर, सुरेंद्र कुमार, प्यारे लाल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सैंपलों की जांच के बाद ही पानी की शुद्धता के बारे में पता लगेगा। सैंपलों की रिपोर्ट आते ही इस बारे में आईपीएच विभाग को सूचित करवा दिया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
1. आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता एसके शर्मा ने बताया कि सरकार से मिले आदेशों के आधार पर कार्य आरंभ कर दिया गया है। विभिन्न स्थानों पर पानी की टेस्टिंग की जा रही है। पानी के सैंपल भी भरकर जांचे जा रहे हैं। वहीं, पेयजल योजनाओं के भंडारण टैंकों की भी सफाई की जा रही है।
2. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीके चौधरी ने बताया कि सरकार ने पानी की शुद्धता की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। बीएमओ स्तर तक भी आदेश दिए गए हैं ताकि पानी के सैंपल भरकर जांच की जा सके।