डॉ. अनु बाबू और डॉ. तमन्ना ने जीता पुरस्कार
विभागाध्यक्ष, शिक्षकों को भी अकादमिक भूमिकाओं के लिए मिला सम्मान
शिमला में आयोजित सम्मेलन में शोध पत्र किए प्रस्तुत
इन्फ्लुएंजा टीकाकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश चैप्टर ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (आईएपीएसएम) के छठे वार्षिक सम्मेलन में एम्स बिलासपुर के सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। विभाग की तृतीय वर्ष की पीजी रेजिडेंट डॉ. अनु बाबू और द्वितीय वर्ष की पीजी रेजिडेंट डॉ. तमन्ना नेगी ने स्नातकोत्तर क्विज में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
दोनों रेजिडेंट चिकित्सकों ने सम्मेलन के दौरान अपने वैज्ञानिक शोध पत्रों की मौखिक प्रस्तुति भी दी। यह दो दिवसीय सम्मेलन इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला के सामुदायिक चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित किया गया। सम्मेलन का विषय कम्युनिटी-लेड इनोवेशंस फॉर रेजिलिएंट एंड हेल्दी हिल इकोसिस्टम रहा, जिसमें प्रदेश और देशभर से सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा शोधकर्ताओं ने भाग लिया। विभागाध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश चैप्टर आईएपीएसएम के उपाध्यक्ष डॉ. अनुपम पराशर ने इन्फ्लुएंजा टीकाकरण पर व्याख्यान देते हुए वयस्क टीकाकरण की आवश्यकता और रोगों की रोकथाम में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. मीनल ठाकरे ने वैज्ञानिक शोध पत्र प्रस्तुति सत्र की अध्यक्षता की और उन्हें बेस्ट सीनियर फैकल्टी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नवप्रीत ने स्नातकोत्तर क्विज प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुपमा धीमान ने इबोला वायरस प्रकोप विषय पर आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए उभरती संक्रामक बीमारियों पर चर्चा का नेतृत्व किया।