सैकड़ों मजदूर होंगे शामिल, केंद्र सरकार के खिलाफ उठेगी आवाज
मंत्री धर्माणी, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष करेंगे रैली को संबोधित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मजदूरों के रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए इंटक ने मनरेगा बचाओ अभियान के तहत बड़े आंदोलन का एलान किया है। 30 जनवरी को घुमारवीं में हजारों की संख्या में मजदूर एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हल्ला बोल रैली निकालेंगे। इस आंदोलन में इंटक से संबंधित सभी यूनियनों के पदाधिकारी और सदस्य भाग लेंगे।
इंटक अध्यक्ष रूप सिंह ठाकुर और इंटक सचिव प्रेम लाल भाटिया ने संयुक्त प्रेस बयान में बताया कि 30 जनवरी को सभी यूनियन पदाधिकारी और मजदूर इंटक कार्यालय, जगन पैलेस के समीप डकड़ी चौक पर एकत्र होंगे और वहां से रैली निकालकर मनरेगा बचाओ अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। इंटक नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के लाखों मजदूरों को रोजगार मिला है। यह योजना ग्रामीण मजदूरों के लिए जीवन रेखा साबित हुई है। लेकिन अब केंद्र सरकार मनरेगा को समाप्त कर इसके स्थान पर अलग कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिससे मजदूरों के हितों पर सीधा प्रहार होगा। इंटक पदाधिकारियों ने बताया कि मनरेगा यूनियन ने मनरेगा में कार्यरत मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत करवा कर उन्हें विभिन्न प्रकार की वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलवाया था। यदि मनरेगा कानून को समाप्त किया गया तो मजदूरों के लिए श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराना आसान नहीं रहेगा और वे कई सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे। रैली को मंत्री राजेश धर्माणी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार संबोधित करेंगे। इंटक की ओर से श्रम कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर मंत्री को पत्र सौंपा जाएगा, वहीं मजदूरों की मांगों से संबंधित विस्तृत मांग पत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के समक्ष रखा जाएगा। इंटक नेताओं ने स्पष्ट किया कि मनरेगा कानून को यथावत बनाए रखने की मांग को लेकर एसडीएम के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूर विरोधी किसी भी नीति को इंटक बर्दाश्त नहीं करेगी और मजदूरों के हक के लिए संघर्ष जारी रहेगा।