पुरानी पेंशन योजना बहाली के लिए चल रहे पेंशन व्रत के समर्थन में ब्लैक डे मनाते राजकीय वरिष्ठ माध्
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घुमारवीं (बिलासपुर)। पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने को लेकर शिमला में चल रहे पेंशन व्रत के समर्थन में ब्लैक-डे मनाया। हिमाचल स्कूल प्राध्यापक संघ जिला बिलासपुर ने भी न्यू पेंशन स्कीम का विरोध किया। जिला भर के सभी सरकारी स्कूलों में अध्यापकों ने काले बिल्ले लगाकर अपना विरोध जताया है।
हिमाचल स्कूल प्राध्यापक संघ जिला बिलासपुर के अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने कहा कि 2003 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के हजारों करोड़ रुपये शेयर मार्केट या अन्य वित्तीय संस्थाओं, बांड में निवेश किए जाएंगे। इस निवेश से जो रिटर्न आएगा उस आधार पर कर्मचारियों की पेंशन तय होगी। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी की पेंशन बाजार की स्थिति पर निर्भर करना अन्याय है। नरेश ठाकुर ने कहा कि नियोक्ता की ओर दिए जाने वाले 14 प्रतिशत अंशदान में से 4 प्रतिशत पर सरकार टैक्स वसूल रही है जबकि यह पैसा कर्मचारी को नहीं मिलता है। इस पैसे को सरकार अपने पास ही रखती है। संघ सरकार से मांग करता है कि 4 प्रतिशत पर कोई टैक्स न लिया जाए। घुमारवी उपमंडल के भराड़ी स्कूल के अध्यापकों और घुमारवीं डिग्री कॉलेज के प्रोफेसरों ने भी काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जामली के कर्मचारियों ने भी ब्लैक डे मनाया। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। केंद्र सरकार की 5 मई 2009 की अधिसूचना में कर्मचारी कि मृत्यु या दिव्यांगता पर पारिवारिक पेंशन का प्रावधान है। लेकिन प्रदेश सरकार ने इस अधिसूचना को अभी तक हिमाचल में लागू नहीं किया है। वहीं राजकीय प्राथमिक पाठशाला गांधी रोपा में भी अजय कुमार डोड व सुभद्रा राणा के नेतृत्व में विरोध जताया गया। बिलासपुर में चल रही तीन दिवसीय नशा निवारण कार्यशाला के दौरान काले बिल्ले लगाकर विरोध जताया गया। विरोध प्रदर्शन संगठन के जिला मुख्य संरक्षक शांति स्वरूप के नेतृत्व में किया गया।