उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के परिसर में धरना प्रदर्शन करते सीटू के कार्यकर्ता।
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बिलासपुर। बिलासपुर मेें केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर विभिन्न संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। एटक और सीटू सहित अन्य कामगार संगठनों, हिमाचल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन ने श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
सोमवार को हड़ताल के बावजूद बसें नियमित रूप से चलीं। बैंकों में भी रोजाना की तरह कामकाज हुआ। एटक के उपाध्यक्ष भाग सिंह और हिमाचल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों को पूंजीपतियों के हितों के लिए बदला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने 44 श्रम कानूनों को चार कोड में बदल दिया है, जो श्रमिकों के हित में नहीं है। वहीं दूसरी ओर नवरतन कंपनियों, बीएसएनएल और बैंकों के निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीबीएमबी को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संशोधित मोटर व्हीकलस एक्ट में जो प्रावधान किए गए, वे ट्रक ऑपरेटरों के हित में नहीं हैं। इसके परिणामस्वरूप पूरे देश के ट्रांसपोर्टर इस हड़ताल में भाग ले रहे हैं। कहा कि केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने में नाकाम साबित हुई है। प्रदेश सरकार से आउटसोर्स कर्मचारियों को लिए नियमित करने के लिए नीति बनाने, 44 श्रम कानूनों को लागू करने सहित अन्य मांगों पर गौर करने की मांग की है। इस अवसर पर परवेश चंदेल, सीटू जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।