-नागा बाबा कुटिया शिव गौरी मंदिर सुन्हाणी में चल रही कथा का छठा दिन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। महंत प्रेम गिरि जी महाराज की तपस्थली नागा बाबा कुटिया शिव गौरी मंदिर सुन्हाणी में चल रही श्रीमद्देवी भागवत कथा के छठे दिन वेदाचार्य ने श्री देवी भागवत कथा का व्याख्यान किया।
वेदाचार्य राधा रमन शास्त्री ने श्री गणपति, शिव-पार्वती, विष्णु, ब्रह्मा की स्तुति करने के बाद यह कथा सुनाई। उन्होंने मनुष्य को जीवन में संयम, सदाचार, आचरण, क्षमा प्रदान करने का संकल्प करवाया। उन्होंने मां भगवती के विभिन्न रूपों के मस्तिष्क दर्शन करवाते हुए कहा कि देवी के सभी रूप देवताओं मनुष्य और भगवान शिव की इच्छा से ही प्रकट हुए हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य की आकांक्षाएं हमेशा बढ़ती है, जिसके कारण उसे दुख का सामना करना पड़ता है। असुर हमेशा महत्वाकांक्षा के चलते जलन में ग्रस्त रहे, जिसके कारण सामाजिक व्यवस्था उथल-पुथल हुई। उथल-पुथल को खत्म करने के लिए ही देवी ने अवतार लिया। उन्होंने संकल्प करवाया कि यदि वह सुखमय जीवन व्यतीत करना चाहते हैं तो उन्हें धार्मिक प्रवृत्ति धारण करनी होगी। उन्होंने कहा कि जो भी देवी भागवत कथा का श्रवण करता है उनका जीवन भव से पार हो जाता है, जीवन सुखमय बन जाता है। मंदिर के महंत बाबा अभय गिरी जी महाराज ने बताया कि कथा का समापन 9 जून को विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा। इस मौके पर बाबा अभय गिरी जी महाराज, जोगेंद्र राणा, रमेश चंद, श्याम राणा, अनुराग शर्मा, किशोरी लाल, हीरालाल, प्यारू राम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।