ग्राम पंचायत मलांगण के गांव कल्लर में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद किसान। स्रोत: जागरूक पाठक
मलांगण पंचायत के कल्लर और कुठेड़ा में जागरूकता कार्यक्रम में किसानों को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत मलांगण के गांव कल्लर और कुठेड़ा में वर्दा ऑर्गेनाइजेशन की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों कार्यक्रमों में करीब 70 किसानों ने भाग लिया। इस दौरान प्राकृतिक खेती की उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन के साथ इसके संबंध पर चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्दा ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष इंद्र सिंह ढटवालिया ने किसानों से रासायनिक खेती के बढ़ते दुष्प्रभावों को समझते हुए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि मिट्टी, पानी, पर्यावरण, पशुधन और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का समग्र माध्यम है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय प्राकृतिक खेती का है और किसानों को अधिक से अधिक क्षेत्र को इसके दायरे में लाना चाहिए। सरकारें भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विधायक जीत राम कटवाल के प्रयासों से क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई थी। इसमें हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किसानों के साथ प्राकृतिक खेती की उपयोगिता पर विचार साझा किए थे।
ढटवालिया ने कहा कि इस संगोष्ठी से प्रभावित होकर क्षेत्र के कई किसानों ने प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। इससे साबित होता है कि सही जानकारी, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर किसान सकारात्मक बदलाव के लिए तैयार हैं। कार्यक्रम में किसानों ने प्राकृतिक खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी ली और अपने अनुभव व जिज्ञासाएं साझा कीं। वर्दा ऑर्गेनाइजेशन ने किसानों से अधिक से अधिक लोगों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का आग्रह किया। संगठन ने कहा कि गांव स्तर पर जहरमुक्त खेती, स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।