हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य संघ और शिक्षक संघ ने उठाई मांग
दोनों संगठनों का मानना प्रशासनिक नियंत्रण बदलने पर समन्वय संबंधी समस्याएं होगी उत्पन्न
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य संघ और हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रशासनिक नियंत्रण पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। दोनों संगठनों ने उच्च शिक्षा निदेशक से विद्यालय शिक्षा निदेशक को यह दायित्व हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने शिक्षा मंत्री को एक संयुक्त ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
संगठनों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था भारत स्काउट्स एवं गाइड्स आंदोलन के प्रभावी संचालन और भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। हिमाचल प्रदेश में साल 2003 के आसपास राजकीय महाविद्यालयों में रोवर एवं रेंजर इकाइयां स्थापित होने के बाद इस आंदोलन को वास्तविक गति मिली। उच्च शिक्षा निदेशालय के सक्रिय नेतृत्व में यह आंदोलन तेजी से विस्तारित हुआ। मंडी के रिवालसर में राज्य प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना भी मुख्य रूप से महाविद्यालयों के वित्तीय सहयोग से हुई। वर्तमान में उच्च शिक्षा निदेशक ही भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदेन राज्य मुख्य आयुक्त का दायित्व निभाते हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय के तहत 310 उच्च शिक्षण संस्थान आते हैं, जिनमें 17 से 25 साल आयु वर्ग के विद्यार्थियों के लिए इकाइयां संचालित होती हैं। महाविद्यालयों के विद्यार्थी इस आंदोलन का सबसे बड़ा और सक्रिय वर्ग हैं। दोनों संगठनों ने प्रशासनिक नियंत्रण बदलने पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इससे अनावश्यक समन्वय संबंधी समस्याएं उत्पन्न होंगी। प्रशिक्षण, कार्यक्रम संचालन, वित्तीय प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। रोवर एवं रेंजर इकाइयां विशेष रूप से महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती हैं। इसलिए उच्च शिक्षा निदेशक ही इनके स्वाभाविक प्रशासनिक प्राधिकारी हैं। महाविद्यालयों का कुल वित्तीय योगदान 56.58 फीसदी (1,73,14,090 रुपये) है, जबकि राजकीय विद्यालयों का योगदान 43.42 फीसदी है। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप हैं। यह कार्यक्रम अनुभवात्मक अधिगम, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देता है। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष बीएस ठाकुर ने कहा कि राजकीय महाविद्यालयों में विस्तार के बाद ही भारत स्काउट्स एवं गाइड्स आंदोलन ने उल्लेखनीय प्रगति की है। हम सरकार से विद्यार्थियों के हित में इस सफल व्यवस्था को बनाए रखने का आग्रह करते हैं। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ के सचिव संजय ने कहा कि प्रशासनिक नियंत्रण में परिवर्तन से व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न होंगी और कार्यक्रमों की गुणवत्ता प्रभावित होगी। हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ प्रशासनिक नियंत्रण को उच्च शिक्षा निदेशक के पास बनाए रखने का पूर्ण समर्थन करता है। साथ ही संगठनों ने आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तरीय समिति गठित कर मामले पर विचार करने का सुझाव भी दिया है।