संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आज के दौर में जहां खोई हुई वस्तु के वापस मिलने की उम्मीद कम ही रहती है, वहीं पंजगाईं पंचायत के एक युवक ने ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए एक परिवार की बड़ी चिंता को खुशी में बदल दिया।
जानकारी के अनुसार, पंजगाईं निवासी स्वतंत्र गौतम अपने माता-पिता और बच्चों के साथ दिल्ली से लौट रहे थे। 5 जून को दोपहर के समय उनकी माता कांता गौतम का काला बैग गलती से पंजगाईं पार्किंग ग्राउंड में छूट गया। परिवार को इसकी जानकारी तब मिली जब वे चंडीगढ़ पहुंच चुके थे। बैग में आधार कार्ड, आभा कार्ड, डेबिट कार्ड, लगभग 3 से 4 हजार रुपये नकद, महिलाओं की दो सोने की अंगूठियां, पुरुष की एक सोने की अंगूठी, चांदी की पायलें, पेंडेंट सहित एक चेन, मोबाइल चार्जर, दवाइयों का किट, चश्मा आदि सामान रखा हुआ था। बैग के गुम होने से परिवार काफी चिंतित हो गया। इस संबंध में स्वतंत्र गौतम ने पंचायत प्रधान सुशीला कुमारी से संपर्क किया। इसके बाद प्रधान ने सोशल मीडिया के माध्यम से बैग गुम होने की सूचना साझा करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की। सोशल मीडिया पर यह सूचना पढ़ने के बाद पंजगाईं कुन्नू के विवेक गौतम आगे आए। उन्हें उक्त बैग मिला था। उन्होंने बिना किसी लालच के बैग को सुरक्षित रखते हुए पंचायत प्रधान सुशीला कुमारी को सौंप दिया, ताकि वह सही मालिक तक पहुंच सके। बैग में मौजूद सभी दस्तावेज, नकदी और कीमती जेवर सुरक्षित मिलने पर परिवार ने राहत की सांस ली और विवेक गौतम तथा पंचायत प्रधान का आभार व्यक्त किया। क्षेत्र के लोगों ने विवेक गौतम की ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है। ऐसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि आज भी समाज में ईमानदारी, विश्वास और मानवीय संवेदनाएं जीवित हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भी विवेक गौतम के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए इसे युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बताया है।