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Bilaspur News: रोकथाम आधारित स्वास्थ्य प्रणाली ही भविष्य का मजबूत स्वास्थ्य मॉडल

Sat, 15 Nov 2025 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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एम्स बिलासपुर में आयोजित कार्यशाला में भाग लेने वाले चिकित्सक व एम्स प्रबंधन के अधिकारी। स्रोत:
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एम्स बिलासपुर में शुरू हुआ सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग का सम्मेलन
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गैर-संचारी रोग, डेंगू टीकाकरण, क्षय उन्मूलन पर पहले दिन की चर्चा
स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत बनाने के लिए एकजुट हुए विशेषज्ञ

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन के हिमाचल प्रदेश चैप्टर का 5 वां वार्षिक सम्मेलन एचपी आइएपीएसएम कॉन 2025 एम्स बिलासपुर में शुरू हुआ। प्रिवेंशन को प्रैक्टिस में लाना: रेसिलिएंट स्वास्थ्य प्रणालियों का निर्माण विषय पर आधारित इस सम्मेलन का शुभारंभ एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने किया।
सम्मेलन का आयोजन सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग की ओर से राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान अकादमी, भारत के सहयोग से किया जा रहा है। उद्घाटन पर लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने कहा कि रोकथाम आधारित स्वास्थ्य प्रणाली ही भविष्य का मजबूत और टिकाऊ स्वास्थ्य मॉडल है। कहा कि समुदाय स्तर पर जागरूकता, आधुनिक अनुसंधान और नीति आधारित रणनीतियां स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। सम्मेलन के पहले दिन सीएमई सत्र गैर संचारी रोगों पर केंद्रित रहे। विशेषज्ञों ने काउंटडाउन 2030 के लक्ष्य, नीति और समानता आधारित दृष्टिकोण, जोखिम कारकों में बढ़ते बदलाव और व्यावहारिक हस्तक्षेपों पर विस्तार से चर्चा की। स्वास्थ्य संवर्धन एवं एनसीडी नियंत्रण के लिए उभरती तकनीकों और कार्य योजनाओं पर भी विचार साझा हुए।
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एनसीडी पर सत्र समाप्त होने के बाद टेकेडा डेंगू संगोष्ठी द नेक्स्ट चैप्टर इन डेंगू प्रिवेंशन आयोजित हुई। इसमें विशेषज्ञों ने डेंगू से बचाव हेतु विकसित हो रहे टीकों की अद्यतन स्थिति और जीवन पथ आधारित टीकाकरण मॉडल पर विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि नई तकनीकों और वैक्सीन अपडेट से डेंगू नियंत्रण में महत्वपूर्ण प्रगति की जा सकती है। क्षय रोग का अंत, पहचान से उन्मूलन तक विषय पर पैनल चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने मेडिकल कॉलेजों, राज्य क्षय रोग प्रभागों और स्वास्थ्य संस्थानों की संयुक्त भूमिका पर विशेष जोर दिया।
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चर्चा में कहा गया कि शुरुआती पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार और सामुदायिक स्तर पर लगातार निगरानी क्षय रोग उन्मूलन की कुंजी है। एम्स के कुलपति डॉक्टर राकेश कुमार सिंह ने कहा कि सम्मेलन में प्रख्यात विशेषज्ञों और संकाय सदस्यों ने अपने शोध, अनुभव और नवीनतम जानकारियां साझा कीं। प्रतिभागियों ने समुदाय आधारित स्वास्थ्य मॉडल, नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान पर विस्तृत अंतर्दृष्टि प्राप्त की। पहले दिन का समापन समग्र स्वास्थ्य पर आधारित सत्र के साथ हुआ, जिसमें स्टाफ वेलनेस क्लीनिक, सेफ लिसनिंग और कार्यस्थल स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने वाले नए आयाम शामिल थे।
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