अमर उजाला की खबर का असर
खबर छपते ही खुली नगर परिषद प्रशासन की नींद
सफाई कर्मचारियों, भारी मशीनरी की मदद से नालों को किया साफ
नालों से निकाली वर्षों से जमी सिल्ट, प्लास्टिक कचरा अन्य अपशिष्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में लंबे समय से नालों और नालियों में फैली गंदगी से त्रस्त जनता को वीरवार को बड़ी राहत मिली। शहर की बदहाल स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अमर उजाला के बुधवार के अंक में घुमारवीं में खोखले साबित हो रहे साफ-सफाई के दावे, बीमारियों का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था। खबर का असर यह हुआ कि नगर परिषद प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते ही शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई अभियान शुरू कर दिया है।
नगर परिषद की ओर से लंबे समय से शहर के नालों व नालियों की नियमित सफाई न करवाए जाने के कारण अधिकांश नाले गंदगी और मलबे से भर चुके थे। आलम यह था कि दूषित पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में जमा हो रहा था, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया था। अमर उजाला ने जनहित के इस मुद्दे को विस्तार से उजागर किया, जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। वीरवार सुबह से ही नगर परिषद की टीम ने सफाई कर्मचारियों और भारी मशीनरी की मदद से नालों को साफ करना शुरू किया। अभियान के दौरान गांधी चौक के समीप कोऑपरेटिव बैंक के सामने से गुजरने वाले मुख्य नाले की पूरी तरह साफ किया गया। नालों में वर्षों से जमी सिल्ट, प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट को बाहर निकाला गया। रुके हुए पानी की निकासी सुनिश्चित की गई ताकि दुर्गंध से लोगों को निजात मिल सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, नालों की गंदगी न केवल शहर के लिए समस्या थी, बल्कि यह दूषित पानी सीधे सीर खड्ड में मिल रहा था। इसी खड्ड से क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण पेयजल योजनाएं जुड़ी हुई हैं। ऐसे में बीमारियों के फैलने का खतरा न केवल शहर बल्कि आसपास के गांवों में भी बना हुआ था। अब सफाई होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
कोट
हाल ही में एक-दो स्थानों से सफाई को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद नगर परिषद ने पूरे शहर में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान शुरू किया है। हमारा प्रयास है कि शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रहे।
रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं
घुमारवीं से गन्दगी को लेकर प्रकाशित खबर।
घुमारवीं से गन्दगी को लेकर प्रकाशित खबर।