घुमारवीं (बिलासपुर)। जिला उपभोक्ता फोर्म के अध्यक्ष डीआर चंदेल, सदस्य मनोरमा ठाकुर और पवन कुमार नड्डा की अदालत ने एक उपभोक्ता की शिकायत पर महेंद्रा एंड महेंद्र फाइनेंस कंपनी को बतौर जुर्माना एक माह में एनओसी जारी करने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक रणजीत सिंह निवासी कोसरियां ने इस संबंध में कंपनी की उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता के वकील एमएम वर्मा ने बताया कि रणजीत सिंह ने वर्ष 2005 में महेंद्रा एंड महेंद्रा फाइनेंस पक्का परोह हमीरपुर के माध्यम से 2 लाख रुपये का वाहन खरीदा था। यह दो लाख रुपये की राशि 48 किश्तों में अदा करनी थी। शिकायतकर्ता ने निर्धारित अवधि के दौरान वाहन ऋण भर दिया, लेकिन, जब शिकायर्ता कंपनी के पास एनओसी लेने गया तो उन्होंने 1500 रुपये की अतिरिक्त मांग की और एनओसी भी नहीं दी। शिकायतकर्ता ने 15 मार्च 1014 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कर दी। उपभोक्ता ने महेंद्रा एंड महेंद्रा को 30 दिन के भीतर एनओसी जारी करने और पांच हजार रुपये का मुआवजा शिकायतकर्ता को देने का आदेश दिया। 30 दिन के भीतर एनओसी नहीं दी तो एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से खर्चा भी कंपनी को देना पडे़गा। एक अन्य शिकायत का निपटारा करते हुए उपभोक्ता फोरम ने सतलुज मोटर टिक्कर हमीरपुर को 20 हजार रुपये का मुआवजा और पांच हजार रुपये लिटिकेशन खर्चा शिकायतकर्ता कल्पना कुमारी को देने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता कल्पना कुमार के वकील उमेश शर्मा ने बताया कि कल्पना कुमारी ने सतलुज मोटर से एक्सचेंज ऑफर में टाटा इडिंगो गाड़ी फरवरी 2012 में खरीदी थी। कल्पना कुमारी ने अपनी पुरानी टाटा इडिंगो गाड़ी बेची और नई गाड़ी ली। लेकिन, कंपनी ने नई गाड़ी के बिल और दस्तावेज नहीं दिए। जब शिकायतकर्ता ने बिल व अन्य कागज मांगे तो सतलुज मोटर ने 49 हजार रुपये की मांग की। उपभोक्ता फोरम ने सतलुज मोटर को आदेश दिया कि 30 दिन के भीतर गाड़ी का बिल और अन्य कागजात दें। वहीं, 20 हजार रुपये मुआवजा व 5 हजार रुपये लिटिकेशन खर्चा शिकायतकर्ता को देने के लिए कहा गया।