बिलासपुर। प्रदेश की खड्डों और नदी-नालों में अवैध और अवैज्ञानिक ढंग से हो रहे खनन पर रोक के लिए खनन विभाग ने कमर कस ली है। प्रदेश में लागू चुनाव आचार संहिता की अवधि के दौरान इस गोरखधंधे में वृद्धि के मद्देनजर इस पर शिकंजा कसने के लिए विशेष छापामारी अभियान का खाका तैयार किया गया है। सभी जिलों में बाकायदा टीमें गठित की जा रही हैं।
प्रदेश की अधिकांश खड्डों और नदी-नालों में खनन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद खनन माफिया अवैध ढंग से खनन में जुटा हुआ है। इससे जहां खड्डों और नदी-नालों पर आधारित पेयजल और सिंचाई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, वहीं पर्यावरण की सेहत भी बिगड़ रही है। अवैध खनन के बूते खनन माफिया चांदी कूट रहा है। खड्डों और नदी-नालों से मुफ्त में रेत, बजरी और पत्थर निकालकर लोगों से इस सामग्री के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। हालांकि, अवैध खनन रोकने के लिए कई महकमों को चालान काटने की शक्तियां प्रदान की गई हैं, लेकिन खनन माफिया की गतिविधियां बदस्तूर जारी हैं।
प्रदेश में इन दिनों चुनाव आचार संहिता लागू है। इस अवधि के दौरान अवैध खनन के मामलों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। महकमे ने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर पर छापामारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी जिलों को अवैध खनन के मामले दर्ज करने के बाकायदा लक्ष्य भी दिए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं उद्योग, श्रम और रोजगार सचिव पीसी कपूर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आगामी एक माह की अवधि में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अवधि के दौरान प्रदेश भर में कम से कम 600 चालान करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों को इस बाबत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।