बिलासपुर। वन विकास निगम बिरोजा एवं तारपीन कारखाना के बाद अब बिलासपुर में फिनाइल व ब्लैक जापान (कालारंग) का कारखाना लगाया जाएगा। दिसंबर या जनवरी माह में वन मंत्री गोविंद ठाकुर इसकी आधारशिला रखेंगे। यह खुलासा बिरोजा एवं तारपीन कारखाने का निरीक्षण करने पहुंचे उपाध्यक्ष सुखसिंह नेगी ने किया है। फिनाइल व ब्लैक जापान का प्रदेश में वन विकास निगम का बिलासपुर में दूसरा कारखाना होगा।
कारखाने को खोलने के लिए यहां पर नया स्टाफ तैनात किया जाएगा। इसके अलावा नई मशीनरी लाई जाएगी। नए कारखाने के खुल जाने से बेरोजगार युवाओं को नौकरी भी मिलेगी। इसके साथ ही वन विकास निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी।
अभी तक केवल नाहन में ही वन विकास निगम का फिनाइल व ब्लैक जापान का कारखाना है। नाहन कारखाने से निगम को एक करोड़ की आय फिनाइल व ब्लैक जापान से होती है। हरियाणा सरकार यहां से हाथों हाथ फिनाइल खरीद लेती है जबकि हिमाचल को स्वयं बाहर से खरीद करनी पड़ती है। इसी को देखते हुए बिलासपुर में दूसरा कारखाना लगाने का निर्णय लिया गया है, जहां से आईजीएमसी, टांडा मेडिकल कॉलेज, बैजनाथ आयुर्वेदिक संस्थान सहित प्रदेश के अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में फिनाइल की सप्लाई की जाएगी। इसके अलावा वन विकास निगम अपने डिविजनों के डिपो में भी दो से पांच लीटर फिनाइल की पेकिंग बेचेंगी। इसके अलावा बाहरी राज्यों को भी यहां से फिनाइल बेचा जाएगा। इन दोनों को बनाने के लिए बी ग्रेड बिरोजा की जरूरत पड़ती है जो बिलासपुर में होता है। यह बी ग्रेड बिरोजा साफ बिरोजे का वेस्ट होता है। वहीं बिलासपुर में पिछले दो साल से बी ग्रेड बिरोजे का भंडार लगा हुआ है जबकि कुछ केमिकल पड़ता है जो गुजरात से मंगवाया जाता है।
क्या होता है ब्लैक जापान और कहां होता है प्रयोग
ब्लैक जापान एक काले रंग का तरल होता है, जो वैसे तो लकड़ी के लिए प्रयोग किया जाता है ताकि लकड़ी को कीड़े से बचाया जा सके। इसके अलावा इसे सेब के बगीचों में भी प्रयोग किया जाता है। सेब की कटिंग के दौरान इसे पौधों पर लगा दिया जाता है जिससे सेब का पौधा सड़ता नहीं है व गर्मी व सर्दी में भी सुरक्षित रहता है। जबकि लकड़ी भी सड़ने से बचती है।
वन एवं परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने बताया कि बिलासपुर में फिनायल व ब्लैक जापान बनाने का कारखाना लगाने की योजना है। सरकार इस पर विचार कर रही है। औपचारिकताएं पूरी कर यहां पर कारखाना का कार्य शुरू किया जाएगा।