अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग के उदासीन रवैये से लोगों के मन में डर इस कद्र भर गया है कि उन्होंने घरों से बाहर निकलना तक छोड़ दिया है। बिलासपुर शहर के बाद अब मार्कंडेय खंड में डेंगू बेकाबू हो चुका है। रोजाना यहां से दस से 20 मामले डेंगू के पहुंच रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग लगाम लगा पाने में कामयाब नहीं हो रहा है। अभी तक डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 1500 के पार जा चुका है।
नोडल अधिकारी डॉ. परविंद्र शर्मा ने जिला में फैले डेंगू रोग के बारे में बताया कि सोमवार को डेंगू के 27 नए मामले दर्ज किए गए जिसमें से 7 मामले बिलासपुर शहर से, 10 मामले मार्कंडेय, 5 मामले घुमारवीं से, 3 मामले झंडूता से और 2 मामले हमीरपुर से दर्ज किए गए हैं। डेंगू से पीड़ित 119 रोगियों का इलाज चल रहा है उनमें से डेंगू से पीड़ित 2 रोगी अस्पताल में दाखिल हैं और शेष रोगियों का इलाज घरों में ही हो रहा।
डेंगू रोग की रोकथाम के लिए वार्ड-2 में 8 घरों में, वार्ड-7 से 4 घरों में और वार्ड-8 से 7 घरों में कीटनाशक स्प्रे किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से विभिन्न वार्ड-1, 2, 3, 5, 7, 8, 9 और 10 में जाकर 140 लोगों के घरों का निरीक्षण किया गया तथा 159 घरों की पानी की टंकियों, कूलरों और जल भंडारण के बर्तनों को खाली करवाकर उन्हें साफ करवाया।