बिलासपुर।
मंडलायुक्त मंडी ने फोरलेन निर्माण के लिए किए एक इंतकाल को खारिज कर दिया। अपने फैसले में उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रख कर इंतकाल किया गया है। इस दौरान पार्थी की हर बात को अनसुना किया गया। मंडलायुक्त ने इस मामले पर फिर से सुनवाई के आदेश दिए।
उल्लेखनीय है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के लिए घुमारवीं के पलथी गांव के खसरा नंबर 252/1,338/245/1 का विशेष इकाई के अधिकारियों और कर्मचारियों ने गलत तरीके तैयार किए फिल्ड बुक, ततिमा के बाद इंतकाल किया। इस दौरान जमीन मालिकों ने एसडीएम घुमारवीं के पास अपील की। इसके बाद भी लोगों की आपत्तियों और बातों को नहीं सुना गया। भूमि का इंतकाल भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई की ओर से केंद्र सरकार के नाम इंतकाल कर दिया गया।
इसके बाद प्रार्थी ने इस संबंध में मंडलायुक्त मंडी के पास अपील की थी। मंडलायुक्त ने जगदीश राम, बाबू राम, गोपाल और मदर वर्सी भूमि अधिग्रहण अधिकारी विशेष इकाई मामले में सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया।
मंडलायुक्त ने कहा है कि पार्थी इस मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करे। इसकी फिर सुनवाई की जाएगी। फैसले में कहा गया कि इंतकाल में जो भी खामियां हैं उसे दूर किया जाए।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के किशन सिंह चंदेल, उप प्रधान राकेश कुमार और महा सचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि समिति पांच सालों से इसी बात को बार-बार बोल रही है कि भूमि अधिग्रहण का कार्य नियमों को ताक पर रख कर चल रहा है। उन्होंने मांग की है कि सरकार और प्रशासन इस समस्या का समाधान करे।