जिलाध्यक्ष बोले, कांग्रेस सरकार असंवेदनशील, जनता को हक मांगने पर मुकदमों में फंसाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। थुनाग क्षेत्र में आपदा प्रभावितों पर दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा ने प्रदेश सरकार को घेरा है। भाजपा नेता कृष्ण लाल चंदेल ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनता का दर्द समझने के बजाय उन पर केस ठोक दिए हैं। उन्होंने कहा कि 65 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई, जिनमें से 90 प्रतिशत लोग आपदा से प्रभावित हैं।
भाजपा ने मांग की है कि यह एफआईआर तुरंत वापस ली जाए। भाजपा ने सवाल उठाया कि क्या स्थानीय लोगों को अपना हक मांगने का भी अधिकार नहीं है? चंदेल ने कहा कि थुनाग हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री कॉलेज की मरम्मत करने के बजाय उसे कहीं और शिफ्ट करने की साजिश हो रही है। इसी मुद्दे पर मंत्री जगत नेगी के दौरे के दौरान लोग विरोध पर उतर आए। भाजपा का कहना है कि जनता का आक्रोश मंत्री जगत नेगी की आपत्तिजनक भाषा से भड़का। जब लोगों ने कॉलेज न हटाने की गुहार लगाई तो मंत्री ने कहा कि फैसला कैबिनेट का होगा और प्रभावित भूमि का मुआवजा नहीं मिलेगा क्योंकि वह कब्जाई हुई है। इससे स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध को दबाने के लिए तिरंगे का मुद्दा बना रही है। चंदेल ने कहा कि जब पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और जयराम ठाकुर के काफिलों को किन्नौर में काले झंडे दिखाए गए थे, तब भी तिरंगा मौजूद था। 15 अगस्त पर मंत्री वीरेंद्र कंवर के काफिले को भी काले झंडे दिखाए गए थे, लेकिन उस समय तिरंगे का अपमान क्यों नहीं माना गया? कृष्ण लाल चंदेल ने कहा कि सराज विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 240 करोड़ रुपये की लागत से बागवानी एवं वानिकी कॉलेज की आधारशिला रखी थी। इसके लिए 10 करोड़ की पहली किश्त भी जारी की गई थी, भूमि चिन्हित हो चुकी थी और फॉरेस्ट क्लीयरेंस भी मिल चुका था। सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने इस परियोजना को ठप कर दिया और अब आपदा का बहाना बनाकर कॉलेज को शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।