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पंद्रह सदस्यीय टीम ने आधी अधूरी रिपोर्ट भेजी

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अमर उजाला ब्यूरो
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बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापित समिति ने तीन विभागों की पंद्रह सदस्यों की टीम पर फोरलेन निर्माण के रोड अलाइनमेंट व भूमि अधिग्रहण प्लान में बिना भारत सरकार की मंजूरी के बदले आधी अधूरी रिपोर्ट भेजने का आरोप लगाया है। इस मुद्दे पर फोरलेन विस्थापितों में भारी रोष व्याप्त है।
समिति ने इस मुद्दे पर भारत सरकार के देहरादून स्थित भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर क्षेत्र) के तकनीकी अधिकारी डॉ. योगेश गैरोला को 90 पेजों का ज्ञापन डाक के माध्यम से प्रेषित किया है।
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ज्ञापन में समिति तीन प्रमुख विभागों की 15 सदस्यों की टीम पर आरोप लगाया है कि इस टीम ने केवल खाना पूर्ति कर आधी अधूरी रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी है। हैरानी इस बात की है कि इस 15 सदस्यों की टीम ने चैनेज नंबर को हाथ तक लगाने की जरूरत तक नहीं समझी।
गौरतलब है कि फोरलेन विस्थापित समिति ने 22 मई 2018 को गांव मेदला, थापना, सुनण, जकातखाना, तुन्नु, पट्टा, ढलपुर में बदले गए प्लान की शिकायत की थी, जिस पर जिला वन अधिकारी ने तीन विभागों की भूमि अधिग्रहण की विशेष इकाई मुख्यालय बिलासपुर, जिला वन अधिकारी, कानूगो, श्री नयना देवी के क्षेत्रीय कानूगो पटवार हल्कों के 15 अधिकारी सहित कुल तीस अधिकारी शामिल थे। इस संयुक्त टीम ने 19 प्लस 200, 21 प्लस 500, 25 प्लस 500, 131 प्लस 500, 132प्लस 133, 134, 135, 136, 137, 138, 139, 140, 141, 142, 143, व 148 चैनेज नंबर में बदलाव को देखना तक उचित नहीं समझा।
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समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने कहा कि समिति ने अब इस मुद्दे पर शिकायत पर्यावरण मंत्रालय को भेज कर उचित कार्रवाई की मांग की है। समिति ने भारत सरकार द्वारा तय 25 शर्तों को जिला वन अधिकारी द्वारा न मानने पर कड़ा ऐतराज जताया है।
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