अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से मालवाहक वाहनों की भार क्षमता बढ़ाए जाने के बाद भी अल्ट्राटेक कंपनी ट्रक ऑपरेटरों को बढ़ा हुआ भार देने को तैयार नहीं है जिस कारण सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं तीन दिनों से कंपनी में सीमेंट ढुलाई का कार्य भी बंद पड़ा है जिस कारण करीब 3500 ट्रकों के पहिये थम चुके हैं। इसी कड़ी में दी बिलासपुर जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित परिवहन सहकारी सभा ने उपायुक्त को मांगों को लेकर ज्ञापन दिया है।
समिति ने ज्ञापन में कहा है कि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से दिनांक 18-07-2018 को अधिसूचना जारी कर माल वाहक वाहनों का एक्सल लोड बढ़ाया गया था लेकिन कंपनी अभी तक पुराने आदेशों के तहत भार गाड़ियों को दे रही है।
खारसी सभा के प्रधान परमा नंद ठाकुर और कोहिनूर सर्वहितकारी सभा के प्रधान प्रेम सिंह ठाकुर और महासचिव खारसी सभा दौलत सिंह ठाकुर का कहना है कि तीन दिन से कंपनी के अंदर 250 ट्रक खड़ा है। जबकि बाहर 3500 ट्रक खड़े हैं। तीन दिन में ट्रक ऑपरेटरों को लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऑपरेटरों को नए आदेश के अनुसार 9 टन के स्थान पर 12 टन लोड दिया जाएगा।
उक्त लोगों ने कहा कि इस संबंध में उपायुक्त विवेक भाटिया को ज्ञापन दिया गया है। ज्ञापन के बाद उपायुक्त ने भी इस संबंध में कंपनी प्रबंधन को दूरभाष पर नए आदेशों के तहत कार्य करने को कहा है। ऑपरेटरों ने साफ कर दिया है कि जब तक 12 टन भार नहीं मिलेगा ट्रक नहीं चलेंगे।
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