बिलासपुर। उप्र किसान संघर्ष समिति ने किसानों की समस्याओं का समाधान कराने को बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाने की मंाग की।
क्षेत्र के अनेकों किसान बृहस्पतिवार को समिति के बैनर तले नवीन मंडी में एकत्र हुए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुखविंदर सिंह चीमा की अध्यक्षता में हुई पंचायत में समिति संयोजक अमरजीत सिंह ढिल्लो ने कहा कि किसान काफी लागत लगाने के बाद अपनी फसल को तैयार करता है, मगर जब वह फसल को लेकर मंडी व आढ़तों पर पहुंचता है तो उपज की बिक्री के दौरान किसानों के साथ हर स्तर पर शोषण किया जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों का कोई हितैषी नहीं है, इसलिए किसानों ने अपने हक की लड़ाई खुद लड़ने का फैसला किया है कि वह इस बार धान की फसल में अपना शोषण किसी भी हालत में नहीं होने देंगे। इस बीच धरना स्थल पहुंचे एसडीएम डीएस गुप्ता को किसानों ने अपने बीच बैठा लिया। राष्ट्रपति व एसडीएम को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में गन्ने का भुगतान ब्याज समेत कराने, दोगुनी बिजली की दरें कम कराने, बुदेलखंड की अन्ना प्रथा पर रोक लगाने, फसल मूल्य में स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने, आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने, फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने, 60 वर्षीय किसान को पांच हजार की पेंशन देने, दस वर्ष पुराने कृषि यंत्रों पर लगाई रोक हटाने, मंडी में किसानों का शोषण बंद कराने आदि मांगें मुख्य थी। ज्ञापन देने वालों में तेजिंदर सिंह विर्क, वीर सिंह विर्क, सुखविंद्र सिंह चीमा, बाबा प्रीतम सिंह, जगजीत सिंह गिल, पालिकाध्यक्ष मोहम्मद हसन खा आदि शामिल रहे।