घुमारवीं (बिलासपुर)।
विकास खंड घुमारवीं की पंचायतों में जंगली जानवरों अवैध शिकार जारी है। लोग कहीं बिजली का करंट लगा कर कहीं विस्फोटक सामग्री से अवैध शिकार कर रहे है। इसके बाद भी विभाग के अधिकारी बेखबर हैं। न वन विभाग और न पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई कर पा रही है।
जानकारी के अनुसार फटोह पंचायत के गांव सार्टि, रोपा, फटोह, पनोह के वन क्षेत्र में अवैध शिकार सबसे अधिक हो रहा है। लोग फसलों को बचाने के लिए न केवल करंट का इस्तेमाल कर रहे हैं बल्कि कई जगह विस्फोटक सामग्री भी लगा रहे हैं।
इतना ही नहीं कई जगह तो जंगली जानवरों के शिकार के लिए शरारती तत्वों ने लोहे की बारीक तार का इस्तेमाल किया होता है । इसमें जैसे ही जानवर का पाव फंसता है वह उसे छुड़ाने का प्रयास करता है लेकिन लोहे की तार का शिकंजा कसता जाता है। इससे जानवर मर जाता है।
वन विभाग, पुलिस और सरकार को अवैध शिकार की भनक तक नहीं लग रही है। ग्राम पंचायत उप प्रधान बेशरिया राम संधू ने बताया कि इस बारे में पुलिस और वन विभाग को भी सूचित किया गया था ताकि वह भी अपने अवैध कारोबार को रोकने का प्रयास करें। अभी तक विभाग ने कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इसके चलते शरारती तत्वों के हौसले बुलंद हैं।
पंचायत उप प्रधान बेशसियाराम संधू ने बताया कि इतना ही नहीं इससे लोगों के जान माल का खतरा भी मंडराने लगा है। फसलों की सुरक्षा के लिए लगाई कंटीली तार में करंट छोड़ा जा रहा है। ऐसे में यदि कोई राहगीर कंटीली तार के संपर्क में आए तो उसको बिजली का झटका भी लग जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही किसी शरारती तत्वों ने विस्फोटक सामग्री जंगल में शिकार के लिए रखी हुई थी जिसमें आवारा बैल विस्फोट में बुरी तरह से घायल हो गया। गत दिन भी किसी ने लोहे की बारीक तार से शिकार करने का प्रयास किया था। इसमें लावारिस बैल का पांव फंस गया। उसे सोमवार को स्थानीय लोगों के सहयोग से छुड़ाया गया था। बेशरिया राम संधू ने पुलिस विभाग, वन विभाग व प्रशासन से गुहार लगाई कि ऐसे स्वार्थी तत्वों पर तत्काल समय रहते कठोर कार्रवाही करें।
डीएसपी घुमारवीं राजेश कुमार ने बताया कि ऐसे शरारती तत्वों पर नकेल कसने के लिए पुलिस प्रशासन चौकन्ना है। उन्होंने लोगों से भी आग्रह किया कि वह भी अपने क्षेत्र में ऐसे शरारती तत्वों पर नजर रखें तथा जो कोई इस तरीके का अवैध कारोबार करता है उसके बारे में तत्काल पुलिस को सूचित करें।