अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। प्रदेश सरकार के बजट में बिलासपुर जिले के झंडूता क्षेत्र के गेहड़वीं में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की घोेषणा से अब इसके बनने का रास्ता साफ हो गया है। बजट में कॉफी बोर्ड की योजना को वर्ष 2019-2020 में जारी रखने से जिले के किसानों की आर्थिकी पर भी काफी अच्छा दिखेगा। इसे जिले के किसानों ने काफी सराहा है। पर्यटन विकास के लिए विशेष सौगात न मिलने से मायूसी हालांकि जिले के लोगों में मायूसी भी देखी जा रही है।
गौरतलब है कि गेहड़वीं में जहां पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाना है वहां पर लंबे समय से औद्योगिक क्षेत्र बनाने की चर्चाएं चल रही थीं, वहीं सीएम जयराम ठाकुर ने अपने झंडूता विस क्षेत्र के दौरे पर भी कहा था कि गेहड़वीं में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। अब बजट में इसे शामिल करने से इसके लिए सरकार से पैसा मंजूर होने की उम्मीद जग गई है।
मुख्यमंत्री ने बजट में कहा कि कांगड़ा के चन्नौर, बिलासपुर के गेहड़वीं व ऊना के बसौली-बनगढ़ में नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे, जहां पर हिमाचली लोगों को नौकरियां दी जाएंगी। इससे जिला भी विकसित होंगे, वहीं स्थानीय व्यापारियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे जिले के बेरोजगार युवाओं में खुशी की लहर देखने को मिली।
इसके अलावा सरकार ने घोषणा की है कि बिलासपुर की विभिन्न पंचायतों में, माइक्रो वाटरशैड स्तर पर, जलवायु परिवर्तन संवेदनशीलता मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जैव विविधता के संरक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अतिरिक्त साधनों की उपलब्धता तथा प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए सशक्त तंत्र की स्थापना की जाएगी जिसके लिए भारत सरकार को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
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बजट में कुछ उम्मीदें रह गईं अधूरी--
--जिला के लोगों को उम्मीद थी कि इस बार सरकार बिलासपुर जिला के गोबिंदसागर, कोलडैंम, बंदला धार और भादपुर को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए कोई बड़े कदम उठाएगी लेकिन उस पर बजट में कोई प्रावधान नहीं रहा।
इसके अलावा सरकार बनने के बाद से बिलासपुर को झीलों का शहर बनाने का अलाप अराग रहे विधायक के इस प्रोजेक्ट को लेकर भी बजट सत्र में कोई प्रावधान नहीं हुआ। सालों से बिलासपुर जिला के लिए मंजूर तकनीकी कॉलेज हमीरपुर में चल रहा है उसे भी बिलासपुर शिफ्ट करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। पूर्व में ग्रीन हाउस बनाने के कारण करोड़ों रुपये कर्ज के तले दबे 450 किसानों के लिए इस बार भी राहत के नाम पर कुछ नहीं दिया गया। जबकि इन किसानों की जमीनें भी नीलाम होने के कगार पर आ चुकी है। प्रशासन की ओर से इन किसानों की जमीन नीलामी के लिए आदेश हो चुके हैं।
इसके अलावा भानुपल्ली-बिलासपुर रेल मार्ग के लिए भी प्रदेश सरकार की ओर से तेजी लाने के लिए अतिरिक्त बजट का कोई प्रावधान नहीं किया गया। इससे जिला में लोगों के हाथ मायूसी ही लगी है।
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