अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। पूर्व में आर्मी कोटे से राजस्व विभाग में नौकरी प्राप्त करने वाले वर्तमान अधिकारी का रिकार्ड बार-बार मांगने पर भी जिला प्रशासन विजिलेंस को मुहैया नहीं करवा पा रहा है। हालांकि विजिलेंस ने इस संबंध में बिलासपुर जिला प्रशासन को रिकार्ड मुहैया करवाने के लिए तीन रिमाइंडर भी भेजे हैं लेकिन इसके बाद भी विजिलेंस को रिकार्ड मुहैया नहीं करवाया जा सका है। इस कारण समय रहते विजिलेंस की जांच पूरी नहीं हो पा रही है।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान नायब तहसीलदार के पद पर मंडी जिला में अपनी सेवाएं दे रहे अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने आर्मी कोटे पर गलत तरीके से नौकरी प्राप्त की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उक्त अधिकारी न तो एक्स सर्विस मैन के कोटे में आता है और न आईआरडीपी की श्रेणी के रूप में आता है।
जबकि पूर्व सैनिक के पूत्र (एक्स सर्विसमैन अवार्डी) के लिए उस वक्त कोई भी पद नहीं था। इस शिकायत पर विजिलेंस मामले की छानबीन कर रही है। इस संबंध में विजिलेंस में बिलासपुर जिला प्रशासन ने उक्त अधिकारी के दस्तावेज का रिकार्ड मांगा है लेकिन जिला प्रशासन अभी तक इस मामले में विजिलेंस को कोई भी रिकार्ड मुहैया नहीं करवा पाया है। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत पत्र संख्या 1717 दिनांक 7.9.2018 से मिली जानकारी से हुआ है। इस संबंध में अब मामले की जांच पूरी करने के लिए विजिलेंस को एक महीने का अतिरिक्त समय भी मिल गया है। वहीं एक बार फिर से विजिलेंस ने जिला प्रशासन को इस संबंध में रिमाइंडर भेज कर उक्त अधिकारी का रिकार्ड मांगा है।
इधर, शिकायतकर्ता फोरलेन समिति के महासचिव मदन लाल का कहना है कि जिला प्रशासन उक्त अधिकारी को बचाने में लगा है। यही कारण है कि बार-बार विजिलेंस के रिकार्ड मांगने पर भी रिकार्ड नहीं दिया जा रहा है।