घुमारवीं (बिलासपुर)। शिमला-धर्मशाला राष्ट्रीय उच्च मार्ग-103 के विस्तारीकरण के चलते लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। न केवल खेतीबाड़ी की जमीन बर्बाद हुई है, बल्कि पशुचारे की समस्या भी खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग को इस बारे में अवगत कराएं तो उनकी कोई नहीं सुनता।
घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत सेऊ के निवासी कृष्ण राम शर्मा ने बताया कि सेऊ मोड़ पर उनकी जमीन थी जो सड़क विस्तारीकरण में चली गई। करीब एक बीघा जमीन बची वह भी बरसात के दिनों में जमीन खिसकने के चलते बर्बाद हो गई। पेड़ पौधे तबाह हो गए और साथ ही रास्ते भी खत्म हो गए। लेकिन, राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की। यदि समय रहते उनकी जमीन में सुरक्षा दीवार लगा दी गई होती तो इतना नुकसान नहीं होता।
कृष्ण राम शर्मा ने बताया कि इस बारे राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों को भी समय रहते अवगत करवाया, लेकिन उन्हें वहां से सिर्फ आश्वासन ही मिले। जमीन को खुदाई हुए करीब 6 महीने से ऊपर हो गया है, लेकिन विभाग ने न ही सुरक्षा दीवार लगाई और न ही उनकी जमीन को बचाने का कोई अन्य उपाय किया।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग के कनिष्ठ अभियंता प्यार चंद शर्मा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में यहां ज्वाइन किया है। इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही उच्च अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे।