अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। मई माह के पहले सप्ताह के भीतर केसर पर रिसर्च करने वाले सांगला जिला किन्नौर के वैज्ञानिक बिलासपुर के पलथी गांव पहुुंच रहे हैं। यह वैज्ञानिक औहर पंचायत के पलथी गांव के किसान जगत पाल द्वारा लगाए गए अमेरिकन केसर की गुणवत्ता की जांच करेंगे।
तीन सदस्यीय टीम में पहुंच रहे वैज्ञानिक पहली बार गर्म जलवायु में पैदा हुए केसर देखेंगे। अगर केसर की गुणवत्ता सही रही तो सरकारी दामों के अनुसार 1 लाख 80 हजार प्रति किलो के हिसाब से इसे बेचा जाएगा। टीम अभी तक अमेरिकन केसर पर रिसर्च कर रही है और केसर की गुणवत्ता पर अपनी जांच पड़ताल कर रही है। जांच पड़ताल पूरी होने पर तुरंत टीम अपने मानकों के साथ बिलासपुर पहुंच जाएगी। खबर की पुष्टि सुरेंद्र शर्मा केसर रिसर्च वैज्ञानिक सांगला (किन्नौर) ने की।
बता दें कि ‘अमर उजाला’ द्वारा 15 अप्रैल को प्रथम पृष्ठ पर चालीस डिग्री तापमान वाले बिलासपुर में ही उगा दिया केसर खबर को प्रमुखता से उठाया था। खबर छपने के बाद केसर पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने संज्ञान लेते हुए जल्द बिलासपुर आने की कार्ययोजना तैयार की और मई माह के पहले सप्ताह बिलासपुर आने का निर्णय भी ले लिया। गौरतलब है कि जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर पलथी गांव के जगत ने बेटे अनिल शर्मा और अंकुश के सहयोग से तीन बीघा जमीन पर केसर के पौधे तैयार किए हैं। अब इनमें केसर की पत्तियां आने लगी हैं।
किसान जगत पाल ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से राजस्थान के एक एजेंट से केसर के तीन तरह के बीज मंगवाए। बीज कश्मीर, राजस्थान और अमेरिकन केसर के थे। कश्मीरी और राजस्थानी केसर के पौधे तो उग आए, लेकिन उनकी जड़ों में फंगस लग गया। इससे सारी फसल खराब हो गई।
इसके बाद उन्होंने अमेरिकन केसर के बीज लगाए और इसकी पूरी देखभाल इंटरनेट से जानकारी जुटाकर की। अब अमेरिकन केसर की फसल तैयार हो गई। केसर के फूल निकलना शुरू हो गए हैं। 20 दिन बाद सारे फूल निकालकर राजस्थान की एक निजी लैब में भेजेंगे। अगर सैंपल सही रहे तो 1 लाख प्रति किलो की दर से राजस्थान की निजी कंपनी इसकी कीमत देगी।
इनसेट...
मई महीने में बिलासपुर आएगी टीम
मई माह के पहले सप्ताह टीम बिलासपुर आ रही है। अमेरिकन केसर की गुणवत्ता जांच की जाएगी। अगर गुणवत्ता सही रही तो 1 लाख 80 हजार के सरकारी दामों में अमेरिकन केसर बेचा बिकेगा।
...सुरेंद्र शर्मा, केसर रिसर्च वैज्ञानिक सांगला (किन्नौर)
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