बिलासपुर। प्रदेशभर के अस्पतालों से लगातार आ रही शिकायतों के बाद एसआरएल लैब के साथ प्रदेश स्वास्थ्य विभाग करार समाप्त कर सकता है। अगले माह एसआरएल लैब के साथ स्वास्थ्य विभाग का करार भी समाप्त होने वाला है। सूत्र बताते हैं कि पूरे प्रदेश से लैब में टेस्ट की गुणवत्ता को लेकर शिकायत पत्र लिखे गए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग नई कंपनी के साथ करार कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि एसआरएल लैब के टेस्टों व सरकारी टेस्टों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। बिलासपुर में तो एक बच्चे को जहां सरकारी लैब में पीलिया का स्तर 13 प्वाइंट था, वहीं जब एसआरएल लैब में टेस्ट करवाया गया तो वह 19 प्वाइंट था। ऐसे में सवाल उठता है कि एक ही बच्चे में पीलिया के स्तर में इतना ज्यादा अंतर कैसे आ सकता है। वहीं डॉक्टरों का भी मानना था कि एसआरएल लैब में मशीनों की अपग्रेडेशन सही तरीके से न होने से कारण टेस्टों में अंतर आ रहा हैं।
वहीं स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी कहते हैं कि करीब पूरे प्रदेश से ही एसआरएल लैब में टेस्टों की रिपोर्टों में गड़बड़ी सामने आ रही है। वहीं बताया जा रहा है कि अगले माह सितंबर में एसआरएल के साथ प्रदेश स्वास्थ्य विभाग का करार भी समाप्त होने वाला हैं। ऐसे में पूरे प्रदेश से गई शिकायतों के बाद अब एसआरएल के साथ विभाग करार आगे नहीं बढ़ाएगा। स्वास्थ्य अधिकारियों का भी कहना है कि जल्द ही कोई नई कंपनी के साथ करार हो सकता है। बिलासपुर से भी लैब में टेस्टों की विभिन्नता व अन्य शिकायतों को लेकर लेटर शिमला निदेशालय को लिखा गया है।
बिलासपुर में तैनात एमएस डॉ. राजेश आहलुवालिया का कहना है कि एसआरएल लैब की खामियों को लेकर निदेशालय को लिखा गया है। लगातार आ रही शिकायतों के बाद एक पत्र भेजा गया हैं। अगले माह वैसे भी एसआरएल के साथ प्रदेश सरकार का करार खत्म होने वाला है। सरकार तय करेगी कि अब आगामी करार किसके साथ किया जाए।