मदर्स-डे के दिन मासूमों के सिर से उठा मां का साया
डेढ़ साल के मासूम को नहीं पता, मां नहीं रहीं दुनिया में
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
एक ओर जहां पूरा देश मदर्स-डे धूमधाम से मना रहा है, वहीं तीन अभागे मासूम ऐसे भी हैं जिनके सिर से हमेशा के लिए मां का साया उठ गया। जबकि, डेढ़ साल के मासूम को तो पता ही नहीं कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं है।
चरणमोड़ (चिल्ला) दयोथ की विवाहिता वीना (28) ने किन परिस्थितियों में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी, इसका किसी को अभी तक कोई पता नहीं है। वीना के माता-पिता का आरोप है कि उसके ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे, तब जाकर उसने ऐसा कदम उठाया है। लेकिन अभी तक पुलिस जांच में यह बात साबित नहीं हो पाई है। वीना के तीन बच्चे भी हैं, जिनके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। वीना की सबसे बड़ी बेटी प्रज्ञा आठ साल की है, जबकि उससे छोटा बेटा अनु छह साल का है, वहीं उससे छोटा बेटा डेढ़ साल का है। बेटी प्रज्ञा और बेटा अनु तो शायद समझ भी जाएं कि उनकी मां इस दुनिया में नहीं रहीं। लेकिन डेढ़ साल के बेटे को यह नहीं पता की उसकी मां जिंदा भी है या नहीं। यह दर्द तीनों मासूमों के लिए ताउम्र रहेगा क्योंकि जिस दिन पूरा देश मदर्स-डे मना रहा है उस दिन तीनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। बहरहाल, पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि मौत की असल वजह क्या होगी।