शहर के वार्ड नंबर 11 में लोगों को गंदगी के कारण परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। हालत ऐसी है कि सीवरेज टैंक फटे हुए हैं। सीवरेज की पूरी गंदगी सड़कों और रास्तों में बह रही है। हालांकि, लोगों ने इस संबंध में कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी, लेकिन लोगों की समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
वार्ड की हालत ऐसी है कि निकासी नालियां बंद पड़ी हैं। इसके चलते गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इतना ही नहीं, स्ट्रीट लाइटें और सोलर लाइटें भी बंद पड़ी हैं। सड़कों की हालत दयनीय है। लोगों का कहना है कि इस वार्ड को नगर परिषद से निकाल कर पंचायत में शामिल किया। समस्या को लेकर लोग नप दफ्तर के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया। शहर के वार्ड 11 को शहर से जोड़ा गया है। यहां के स्थानीय लोगों की मांग है कि हमारे इस क्षेत्र को फिर से पंचायत में शामिल किया, जिससे हमें मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके। वार्ड में आईपीएच विभाग ने सीवरेज टैंक बनाया है, जो फट गया है और इसका सारा गंदा पानी खुले में बह रहा है। लोगों के मुताबिक इस पानी को पीने से कुत्ते पागल हो रहे हैं और वे गाय और भैंसों को काट रहे हैं। इससे मवेशी पागल हो रहे हैं। बच्चों पर भी इसका खतरा बना हुआ है। सीवरेज के गंदे पानी से यहां के आसपास के घरों में इतनी बदबू आ रही है कि लोगों का जीना हराम हो गया है। वार्ड में सड़कों, नालियों तथा स्ट्रीट लाइटों की हालत खस्ता होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
खुले में बह रहा पानी : देवेंद्र
देेवेंद्र सिंह का कहना है कि वार्ड में आईपीएच विभाग ने सीवरेज टैंक बनाया है, जो पूरी तरह से फट गया है। सारा पानी खुले में बह रहा है। बिलासपुर के डूबे हुए मंदिरों को देखने यहां बाहरी राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन यहां पर सीवरेज का खुले में बह रहा गंदा पानी सैलानियों का स्वागत कर रहा है।
गंदा पानी पीकर पागल हो रहे कुत्ते : सुखराम
सुखराम का कहना है कि जो सीवरेज के टैंक का गंदा पानी है, उसे कुत्ते पी रहे हैं। इससे वे पागल हो रहे हैं। कुत्ते गायों और भैंसों को काट रहे हैं, जिससे वे पागल हो रहे हैं। बच्चों पर भी इसका खतरा बना हुआ है।
सड़कों की हालत खस्ता : मदन गोपाल
मदन गोपाल का कहना है कि वार्ड में सड़कों की हालत दयनीय है। जगह-जगह पर गड्ढे पड़े हुए हैं इनमें गाड़ी चलाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड में रात को स्ट्रीट लाइटें भी बंद रहती हैं।
बदबू से जीना हुआ मुश्किल : चंदेल
अमृत चंदेल का कहना है कि वार्ड में सीवरेज टैंक के फट जाने से इसके आसपास के घरों में गर्मियों में बदबू आती है। गर्मियों में खिड़कियों को बंद करके लोगों को सोना पड़ता है। गंदगी में मच्छर अधिक होने के कारण लोगों को बीमारी होने का खतरा बना रहता है।
कम घरों में हैं सीवरेज कनेक्शन : कृष्णा
कृष्णा का कहना है कहना है कि वार्ड में सीवरेज नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। यहां पर काफी कम घरों में सीवरेज के कनेक्शन है तथा सड़क जगह-जगह से टूट गई है।
नहीं जलतीं स्ट्रीट लाइटें : उर्मिला
उर्मिला का कहना है कि वार्ड में स्ट्रीट लाइटें लगाई तो गई हैं, लेकिन ये रात को काफी कम जलती हैं। इसके चलते रात को महिलाओं और बच्चों को यहां पर चलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
नवीन वर्मा:
वार्ड पार्षद नवीन वर्मा का कहना है कि बजट के मुताबिक संपर्क मार्ग को पक्का किया जाएगा। वार्ड में 80 प्रतिशत ऐसे घर हैं, जहां पर सीवरेज के कनेक्शन नहीं हैं। इन घरों में सीवरेज कनेक्शन देने की कोशिश की जाएगी। यह वार्ड क्षेत्रफल के आधार पर सभी वार्डों से बड़ा है। कोशिश कर रहे हैं कि इस वार्ड के दो भाग किए जाएं, ताकि दो वार्ड के लिए अलग-अलग बजट मंजूर हो।