अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। नगर सुधार समिति ने रविवार को एक विशेष बैठक कर अस्पताल प्रशासन से सिटी स्कैन व अल्ट्रासाउंड की मशीनों का स्थानीय जनता तक लाभ न मिलने पर कड़ी आपत्ति जाहिर की है। समिति का कहना है कि उन्हें बाहर जाकर भारी भरकम रकम चुकाकर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।
वहीं, संस्था ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि आज बिलासपुर में डेंगू को लेकर महामारी का माहौल पैदा हो गया है। प्रतिदिन यहां पर 5 से 10 डेंगू के मरीज यहां पर आ रहे हैं। यहां पर फैले डेंगू की सबसे बड़ी लापरवाही अस्पताल प्रशासन की है क्योंकि विभाग को जब कसरत करनी थी तब विभाग इन बातों को छुपाने में लग गया लेकिन जब यहां पर डेंगू स्थिति से बाहर हो गया तो विभाग इसकी नाकामयाबी नगर परिषद पर थोपने लगा।
समिति के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि सरकार ने विभाग को 9 लाख की लागत से नई फॉगिंग मशीन दी है लेकिन उस मशीन से विभाग फॉगिंग करवाने में भी परहेज कर रहा है। नगर सुधार समिति सीएमओ बिलासपुर को सचेत करना चाहती है कि इन विषयों पर जल्द से जल्द अमल किया जाए नहीं तो समिति जन-आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी सीएमओ बिलासपुर और जिला प्रशासन की होगी।
इस मौके पर बैठक में समिति के महासचिव राजेंद्र गौतम, मुख्य सलाहकार चमन मेहता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुनीर अख्तर लाली, उपाध्यक्ष ओपी मेहता, प्रेस सचिव तनुज सोनी, कोषाध्यक्ष सुरेश नड्डा, कार्यालय सचिव संजीव ढिल्लो, प्रवक्ता मंजीत कौर, सह-सचिव लाल सिंह चौहान, वरिष्ठ सलाहकार नीरज वर्मा, अधिवक्ता पंकज वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य संतोष जोशी, विषनदास वैद्य, मनोहर लाल, बलदेव शर्मा, नसीम मोहम्मद, रमेश कुमार, राजपाल दबड़ा, देवीराम, कुलदीप शर्मा, रामलाल राणा आदि मौजूद थे।