टरवाड स्कूल में बच्चे बरामदे में पढ़ने को मजबूर
बारिश के कारण कमरों में पहुंच रहा पानी, बच्चों का पढ़ना मुश्किल
अमर उजला ब्यूरो
स्वारघाट(बिलासपुर)। प्रारंभिक शिक्षा खंड स्वारघाट के तहत राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला टरवाड के कमरों में बरसात का पानी आने से स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत ऐसी है कि बच्चों को मजबूरी में बरामदे में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
उल्लेखनीय है कि राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला टरवाड के भवन की पीछे सुरक्षा दीवार नहीं है जिस कारण बरसात होने पर स्कूल भवन के पीछे की पहाड़ी से सारा पानी कमरों में पहुंच जाता है। इसके चलते कई कक्षाओं को और छात्र-छात्राओं को बरामदे में बैठाना पड़ रहा है।
उक्त स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि भवन के पीछे की तरफ से कमरों में पानी आ जाने से सभी दीवारों में सीलन व गीलापन आ गया है जिस कारण पिछले कई दिनों से राजकीय प्राथमिक पाठशाला टरवाड के बच्चों को स्कूल के बरामदे में पढ़ाई करनी पड़ रही है।
बता दें कि इस समय उक्त स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बरसात के कारण स्कूल को जाने वाले रास्ते में भी कैंचीमोड़-नयनादेवी संपर्क सड़क से डंगा गिरने से सारा मलबा स्कूल के रास्ते पर आ गिरा है जिस कारण नौनिहालों को इस रास्ते से पाठशाला जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों से जानकारी के अनुसार उक्त स्कूल की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए शिक्षा विभाग की तरफ से 3 लाख 45 हजार 885 रुपये की धनराशि का बजट का एस्टिमेट तैयार करके दिनांक 15 सितंबर 2016 शिक्षा विभाग को भेजा गया था। शिक्षा विभाग ने बजट की मंजूरी अभी तक नहीं दी है। स्कूल के केंद्र मुख्य शिक्षक राम सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उक्त मामले में स्कूल प्रबंधन कमेटी की ओर से शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
उधर कार्यवाहक खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी स्वारघाट शिव कुमार शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले के बारे में अभी तक उन्हें जानकारी नहीं मिली है। जल्द ही उक्त स्कूल का मौके पर निरीक्षण किया जाएगा।