अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बेटियां समाज की नींव हैं इनके संरक्षण के लिए समाज का हर वर्ग अपना महत्वपूर्ण योगदान दें ताकि समाज में बेटियों के साथ भेदभाव और कन्या भ्रूण हत्या को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सके । यह बात उपायुक्त विवेक भाटिया ने धार टटोह में महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित मासिक मातृ-शिशु बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि घटते लिंगा अनुपात में समानता लाने के लिए समाज के सभी वर्गों को सामूहिक रूप से आगे आकर समाज में फैले इस घिनौने अपराध को रोकने के लिए प्रयास करने होंगे। जिला में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने तथा लड़का-लड़की एक समान की विचारधारा बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक माह के प्रथम शुक्रवार को हर पंचायत में मातृ-शिशु बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत गांव की अनुभवी बुजुर्ग महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशावर्कर, पंचायत प्रतिनिधियों के अतिरिक्त गांव की अन्य महिलाएं गर्भवती व धात्री महिलाओं को ‘बेटी अनमोल है’ के बारे में जागरूक कर रही हैं।
इस अवसर पर ‘बेटी है अनमोल’ योजना के तहत 15 बच्चियों के माता-पिता को उपायुक्त की ओर से बधाई पत्र और उपहार प्रदान किए गए तथा 5 बच्चियों को अन्न ग्रहण करवाया गया जिसमें लक्षिता ठाकुर, तमन्ना ठाकुर, युविका, इकांक्षी ठाकुर, मनप्रीत, शिवन्या, सारिका ठाकुर, दिव्यांशी ठाकुर, कृतिका, इशानी, मोक्षिता, दिवांशी, सुरजीत कौर, इनाया और माहिका शामिल रहीं।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अंजू बाला ने भी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। वहीं उन्होंने महिलाओं को स्तन पान के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया। इस मौके पर सीडीपीओ नीलम टाडु, प्रधान ग्राम पंचायत निशा देवी, उपप्रधान दलेल सिंह, बीडीसी सदस्य विनीता देवी के अतिरिक्त सुपरवाइजर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।