बिलासपुर। जिला में गृहकर वसूली को लेकर लगभग रास्ता साफ हो गया है। हालांकि कुछ एक लोगों ने इसका विरोध किया है। लेकिन, विरोध करने वाले लोगों की संख्या न के बराबर है। नप शिमला की तर्ज पर बिलासपुर शहर में गृहकर की वसूली करेगा। इसके लिए पूरा खाका शिमला से भी मंगवा लिया गया है।
गौर रहे कि बिलासपुर में लोगों से गृहकर वसूली न करने पर सरकार ने बिलासपुर नगर परिषद को भंग करने तक की बात कर दी थी। इसके बाद नगर परिषद बिलासपुर गृहकर वसूली के लिए आगामी कार्रवाई करते हुए दिल्ली की कंपनी से सर्वे करवा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद बिलासपुर शिमला की तर्ज पर गृहकर वसूल करेगी। बिलासपुर में वर्तमान में 11 सेक्टर हैं। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो हर वार्ड में गृहकर वसूली की अलग-अलग दर होगी। जमीन की कीमत और उस पर भवन निर्माण पर कितनी राशि खर्च हुई है, उसके हिसाब से गृहकर वसूली की जाएगी। नप से जुड़े सूत्रों की मानें तो नगर परिषद कुल आय का 7.5 फीसदी साल का गृह कर के रूप में वसूल करेगी। इसके लिए दिल्ली की कंपनी ने शहर के सभी वार्डों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। हालांकि 40 परिवार इसका विरोध कर रहे थे। जिन्हें नप की ओर से नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अगर फिर भी लोगों ने सर्वे के लिए सहयोग नहीं किया तो नप सर्वे के लिए आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।
उधर, नप के कार्यकारी अधिकारी केआर ठाकुर का कहना है कि सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। गृहकर के लिए दर तय की जा रही है।
ऐसे होगी गृहकर वसूली
जानकारी के अनुसार गृहकर वसूली के लिए सर्वे में जमीन की कुल वैल्यू और उसमें निर्माण कार्य पर जो राशि खर्च हुई है उसके आधार पर गृहकर तय किया जाएगा। कुल संपत्ति का 7.5 फीसदी गृहकर लगाने की नप तैयारी कर रहा है।
लीज पर मिली जमीन पर ऐसे लगेगा गृहकर
शहर के कुछ लोगों का कहना है कि वे विस्थापित हैं जमीन लीज पर है। इसलिए गृहकर का कोई सवाल पैदा नहीं होता। लेकिन एक सरकारी अधिकारी की मानें तो लीज पर मिली जमीन पर भी गृहकर देना पड़ता है। इसके लिए जमीन की वैल्यू नहीं जोड़ी जाती है। ऐसे मामलों में केवल भवन की वैल्यू पर गृहकर वसूल किया जाएगा।