बिलासपुर। विधानसभा चुनावों को लेकर प्रदेश में लगी आचार संहिता की मार अब डिपुओं पर भी पड़नी शुरू हो गई है। टेंडर न होने से डिपुओ में चीनी, तेल, दालें, आटा, चावल नहीं पहुंच पा रहा है। इससे अब राशन से संबंधित परेशानियां खड़ी होना शुरू हो गई हैं। जबकि कुछ एक जगहों पर तो डिपुओ में तेल व चीनी भी नहीं मिल रही है। मजबूरी में अब लोगों को बाजारों से महंगे दामों पर राशन खरीदना पड़ रहा है।
जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खाद्य आपूर्ति विभाग के 10,9022 राशन कार्ड धारक हैं। जबकि जिला की 4, 39, 623 लाख की आबादी सस्ते राशन पर निर्भर है। जिला में 233 सस्ते राशन की दुकानों से जिला के सभी राशन कार्ड धारकों को सस्ता राशन मुहैया करवाया जाता है। लेकिन उपभोक्ताओं को चुनाव आचार संहिता के चलते तेल, चीनी, राजमाह, मलका, माह, आटा व चावल के लिए करीब एक माह तक का इंतजार करना पड़ सकता है। इन खाद्य पदार्थों की सप्लाई पर चुनाव आचार संहिता की मार पड़ी है। अभी तक कहीं पर भी चीनी व तेल की सप्लाई नहीं आई है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि आचार संहिता के चलते इस बार निदेशालय स्तर पर टेंडर नहीं हो पाए हैं। इससे सप्लाई पूरी तरह से बाधित हो गई है। वहीं सूत्रों का कहना है कि अगर ऐसा ही रहा तो अगले माह डिपुओ में राशन भी मुहैया नहीं हो पाएगा। बिलासपुर के सदर, घुमारवीं, झंडूता, श्रीनयना देवी में सभी डिपुओ में राशन न मिलने की शिकायतें विभाग के पास पहुंच रही हैं।
चीनी न मिलने से उपभोक्ताओं को दुकानों से महंगे दामों पर 45 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से चीनी खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है। इससे गृहणियों का बजट भी डगमगा गया है। चांदपुर क्षेत्र के उपभोक्ता परमांनद शर्मा, ईश्वरी प्रसाद, उपमन्यु, वासुदेव, किरण, कंदरौर से राजू, वासू, तलवाड़ से सोनू, लायक राम चंदेल, पवन, बिलासपुर शहर से भरत, सुरेंद्र, नवल, सरिता, कमला सहित अन्य का कहना है कि अगर महंगाई के इस दौर में यही हाल रहा तो इससे आम आदमी का जीना मुश्किल हो जाएगा। अधिकतर लोग सस्ते राशन के डिपो पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि आम आदमी से जुड़े मुद्दों को चुनाव आचार संहिता से बाहर रखा जाना चाहिए। सरकार व विभाग के अधिकारियों से सस्ते राशन के डिपुओं में खाद्य पदार्थों की तरह चीनी व तेल की आपूर्ति भी इसी माह करने की मांग की है। जिससे लोगों को राहत मिल सके।
बिलासपुर के खाद्य आपूर्ति नियंत्रक खेम सिंह का कहना है कि अभी तक जिले मेें चीनी व तेल की सप्लाई नहीं पहुंची है। अब अगले माह तक तेल व चीनी की सप्लाई आने की संभावना है। उसके बाद ही चीनी व तेल का कोटा उपभोक्ताओं को मिल पाएगा।