बिलासपुर। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने आरोप लगाया है कि कीरतपुर-नेरचौक सड़क निर्माण कर रही फोरलेन कंपनी नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रही है। उक्त परियोजना में सड़क निर्माण में कार्य कर रहे मजदूरों को मालवाहक वाहनों व ट्रैक्टरों में भरकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा रहा है। इससे कंपनी उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। यहीं नहीं बाहरी राज्यों से आए मजदूरों के लिए रहने, खाने-पीने की व्यवस्थाएं भी सही नहीं हैं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि कंपनी मजदूरों का शोषण कर रही है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा का कहना है कि कंपनी के अधिकारी एसी वाहनों में घूमते हैं। लेकिन, मजदूरों को ले जाने के लिए बस तक की व्यवस्था नहीं है। इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। समिति का आरोप है कि प्रशासन व पुलिस विभाग को सब कुछ पता होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस बाबत कई बार प्रशासन को भी बता चुके हैं। लेकिन, कंपनी नियमों को ताक पर रखकर मजदूरों को मालवाहक वाहनों में एक जगह से दूसरी जगह ले जा रही है।
वहीं एसपी बिलासपुर अंजुम आरा का कहना है कि पुलिस ऐसे लोगों पर नजर बनाए हुए है, जो मालवाहक वाहनों में लोगों को ले जा रहे हैं। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।