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Bilaspur News: 800 करोड़ से बनेगी कोलका-धड्योयता के बीच 3800 मीटर डबल टनल

Thu, 25 Dec 2025 11:33 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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2028 तक फोरलेन पूरा करने का लक्ष्य, शिमला–धर्मशाला की दूरी होगी कम
शिमला-मटौर फोरलेन के भराड़ी-शालाघाट पैकेज नंबर-2 में होगा निर्माण
-एनएचएआई ने तैयार की डीपीआर, जल्द जारी होगा टनल का टेंडर

गोपाल शर्मा
जुखाला(बिलासपुर)। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के तहत भराड़ी-शालाघाट पैकेज नंबर-2 के अंतर्गत कोलका–धड्योयता के बीच 3800 मीटर लंबी डबल टनल का निर्माण किया जाएगा। इस टनल पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एनएचएआई ने इसकी डीपीआर तैयार कर ली है और जल्द ही दिल्ली स्थित एनएचएआई मुख्यालय से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
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एनएचएआई ने 2028 तक शिमला–मटौर फोरलेन को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। फोरलेन के बन जाने से प्रदेश के दो प्रमुख शहरों शिमला और धर्मशाला के बीच की दूरी में उल्लेखनीय कमी आएगी। वर्तमान में यह दूरी 223 किलोमीटर है, जो फोरलेन बनने के बाद करीब 43 किलोमीटर घटकर 180 किलोमीटर रह जाएगी। इस फोरलेन के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि शिमला और धर्मशाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। साथ ही प्रदेश के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थानों आईजीएमसी शिमला, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और एम्स बिलासपुर के बीच की दूरी कम होने से आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा। शिमला–मटौर फोरलेन परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए इसे पांच पैकेजों में विभाजित किया गया है। वर्तमान में नौणी–भराड़ी घाट फोरलेन का कार्य तेज गति से चल रहा है, जिस पर 640 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं भराड़ी घाट-धड्योयता पैकेज का टेंडर पहले ही 435 करोड़ रुपये में हो चुका है। अब कोलका-धड्योयता के बीच प्रस्तावित 3800 मीटर लंबी टनल के टेंडर की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और शीघ्र ही इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। परियोजना निदेशक विक्रम मीणा ने कहा कि इसके अलावा शालाघाट-तारा देवी फोरलेन की डीपीआर प्रक्रिया अभी प्रगति पर है। शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना को प्रदेश के आर्थिक, पर्यटन और स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। संवाद
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