अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिलासपुर में बिना सीसीटीवी कैमरों और जीपीएस सिस्टम के स्कूली बसें पास नहीं होंगी। प्रदेश में बढ़े स्कूल बस हादसों को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। बिलासपुर में 12, 13 और 14 मार्च को स्कूली बसों की पासिंग रखी गई है जिनमें बसों की जांच की जाएगी, जिसके बाद उन्हें चलने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा जो नई स्कूली बसों का पंजीकरण आरटीओ कार्यालय में होने को पहुंच रहा है, उसमें भी पूरी जांच पड़ताल की जा रही है। किसी भी तरह की कमी होने पर बस मालिकों व स्कूल संचालकों को दोबारा से बसों में मापदंड पूरे करने को कहा जा रहा है।
आरटीओ का कहना है कि बसों की पासिंग के लिए तीन तिथियां निर्धारित की गई हैं जिसमें 12 मार्च को सदर क्षेत्र में पड़ने वाले स्कूलों की पासिंग होगी, जबकि 13 मार्च को सुन्हाणी में झंडूता विस क्षेत्र के स्कूलों की बसों की और 14 मार्च को एचआरटीसी वर्कशॉप में घुमारवीं विस क्षेत्र के स्कूली बसों की पासिंग होगी। इस दौरान यह जांच की जाएगी कि स्कूली बसों में सीसीटीवी कैमरे या जीपीएस सिस्टम लगा है या नहीं।
आरटीओ बिलासपुर सिद्धार्थ आचार्य का कहना है कि स्कूल बसों की पासिंग के लिए तिथियां चयनित की गईं हैं। बसों में मापदंड पूरे होने के बाद ही उन्हें पास किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त आदेश जारी किए हैं जिसे लेकर आरटीओ बिलासपुर कार्यालय में कार्य किया जा रहा है।
इनसेट....
यह जरूरी है स्कूली बसों में होना
निजी स्कूली बसों में सरकार की ओर से कई बदलाव किए गए हैं। स्कूल बस में स्कूल का नाम लिखना जरूरी है, जबकि प्रधानाचार्य का मोबाइल नंबर, बस मालिक का नाम, चाइल्ड हैल्पलाइन नंबर सहित अन्य जरूरी नंबर होना अनिवार्य है ताकि आपातकाल में किसी भी तरह की सहायता समय पर मिल सके।
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