घुमारवीं(बिलासपुर)।
घुमारवीं कॉलेज की छात्राओं द्वारा हाईकोर्ट को पत्र लिखने के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया है। इसी कड़ी में वीरवार को एसडीएम घुमारवीं भी कॉलेज पहुंचे और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की। हालांकि बुधवार को घर से कॉलेज बुलाई छात्राओं को कॉलेज प्रबंधन ने एसडीएम के आने से पहले ही घर भेज दिया था। वहीं एसडीएम ने भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर आगामी कार्रवाई को भेज दी है। लेकिन सूत्रों की मानें तो पूरा सरकारी अमला मामले को रफा-दफा करने में लगा है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब हाईकोर्ट में सुनवाई सात जनवरी को रखी गई है। जिससे इस मामले की जानकारी जुटाने के लिए उपायुक्त ने एसडीएम घुमारवीं को आदेश जारी किए थे। कॉलेज में सब ठीक है या जो पत्र छात्राओं ने लिखकर भेजा वह सही है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कॉलेज कमेटी व प्रधानाचार्य को छात्राएं पहले अवगत करवा चुकी थीं कि छात्राओं को दिया जाना वाला खाना ठीक नहीं है। कॉलेज प्रशासन व कमेटी अगर उस पर तुरंत कार्रवाई करती तो नौबत यहां तक नहीं आती। कॉलेज वार्डन व प्रशासन के ऊपर जब छात्राओं का भरोसा टूट गया था, तभी मजबूर होकर उन्होंने हाईकोर्ट को पत्र लिखा।
कॉलेज प्रशासन मामले को रफा-दफा करने में जुटा
एक दिन पहले ही कॉलेज प्रशासन ने छुट्टियां होने के बाद भी छात्राओं को घर से बुलाया था। लेकिन जब मौके पर एसडीएम व सीडीपीओ पहुंचे तो हॉस्टल की सभी छात्राओं को उनके आने से पहले घर भेज दिया था। जिससे छात्राओं को एसडीएम के समक्ष बात रखने का मौका नहीं मिला है। ऐसे में एसडीएम को कॉलेज प्रशासन के द्वारा दस्तावेज पेश किए गए, उससे ही संतोष करना पड़ा। ऐसे में इस बात पर भी संदेह से इनकार नहीं किया जा सकता कि कॉलेज प्रबंधन पूरे मामले को दबाने में लगा हुआ है।
उपायुक्त के आदेश पर कॉलेज में जाकर निरीक्षण किया गया है तथा विस्तृत जानकारी जुटाई गई है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई हैं। उसे बंद लिफाफे में डालकर उपायुक्त कार्यालय को भेजा जाएगा।
शशिपाल शर्मा एसडीएम घुमारवीं।