बिलासपुर। सरकारी आवासों का दुरुपयोग और सबलेट करने वाले कर्मचारियों पर अब तीन सदस्यों की कमेटी नजर रखेगी। कमेटी किसी भी समय सरकारी आवासों का निरीक्षण कर सकती है। प्रशासन ने तय समय अवधि के भीतर इस कमेटी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि सरकारी आवासों का दुरुपयोग करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर नकेल कसी जा सके।
निरीक्षण के लिए तहसीलदार सदर, कार्यकारी अधिकारी नप व एक पुलिस अधिकारी की संयुक्त कमेटी बनाई है, जो आवासों का निरीक्षण करेगी।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में लगभग 500 से भी अधिक अलग-अलग श्रेणियों के सरकारी आवास हैं, जो यहां पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों को आवंटित किए गए हैं। कई कर्मचारी व अधिकारी इन सरकारी आवासों को सबलेट कर देते हैं। सबसे बड़ा कारण यह भी है कि कई कर्मचारी बिलासपुर के ही स्थायी निवासी हैं।
कई सरकारी आवासों को छोड़कर निजी किराये के भवनों में रहते हैं। ऐसे कर्मचारी व अधिकारी अपने सरकारी आवासों को सबलेट कर देते हैं। हालांकि चेकिंग के लिए अभियान भी चलाया जाता है। कई कर्मचारी व अधिकारी ऐसे भी हैं, जिन्हें सरकारी आवास नहीं मिले हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि जो कर्मचारी व अधिकारी बिलासपुर के निवासी हैं, उनका डाटा तैयार कर उन्हें सरकारी आवास न दिए जाएं।
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया का कहना है कि सरकारी आवासों का दुरुपयोग करने वालों और सबलेट करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में शिकायत प्राप्त हुई है। तहसीलदार सदर, कार्यकारी अधिकारी नप व एक पुलिस अधिकारी की संयुक्त टीम बनाई है, जो सरकारी आवासों का निरीक्षण करेगी और निर्धारित समय अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी अथवा अधिकारी अपने सरकारी आवास को सबलेट करने का दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।