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Bilaspur News: बिलासपुर की 27 पंचायतें रेड जोन में, पुलिस और सीआईडी रखेगी नजर

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सदर की 20 पंचायतें शामिल, नशे की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति पर कसेगा शिकंजा
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स्थानीय लोगों से सूचना देने और पुलिस का सहयोग करने की अपील

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में बढ़ती नशे की चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन और पुलिस ने पंचायत स्तर पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया है। नशा निवारण समिति के तहत जिले की 27 अति-संवेदनशील पंचायतों को रेड जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। इन पंचायतों में नशे से जुड़ी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस और सीआईडी के अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें सबसे अधिक 20 पंचायतें सदर विकास खंड की हैं।
रेड जोन में तैनात पुलिस और सीआईडी कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, सप्लाई, संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर निगरानी रखने को कहा गया है। प्रशासन का उद्देश्य नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जानकारी शुरुआती स्तर पर जुटाना और सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करना है।
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प्रशासन की ओर से चिह्नित 27 पंचायतों में बल्ह बल्हवाणा, बामटा, बंदला, बरमाणा, बैरी रजादियां, बिनौला, धार टटोह, निचली भटेड़, हरनोड़ा, कुड्डी, देओली, जमथल, पंजगाईं, रानीकोटला, जुखाला, सियोहला, डंगार, अमरपुर, कुठेड़ा, बाड़ी मझेड़वां, दकड़ी, मजारी, रघुनाथपुरा, कोठीपुरा, कल्लर, राजपुरा और तंबोल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तैनात किए गए पुलिस और सीआईडी कर्मचारियों के संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए गए हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी सीधे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की सुविधा देना है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उनके आसपास नशे की बिक्री, सप्लाई या किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। जिले की 27 रेड जोन पंचायतों में से 20 सदर विकास खंड में होने के कारण इस क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस और सीआईडी कर्मियों की तैनाती से नशे से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क, लोगों की गतिविधियों और सप्लाई से संबंधित सूचनाओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी। प्रशासन का लक्ष्य पंचायत स्तर पर निगरानी बढ़ाकर नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
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जागरूकता पर भी रहेगा जोर
रेड जोन घोषित पंचायतों में केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर नशे की रोकथाम और जागरूकता पर भी जोर दिया जाएगा। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए स्थानीय स्तर पर गतिविधियां आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में स्थानीय लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ग्रामीण स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत होने से नशे की गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सकेगी और पुलिस कार्रवाई में तेजी आएगी।
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