विक्रम सिंह ठाकुर
स्वारघाट(बिलासपुर)। राजकीय आईटीआई स्वारघाट का अपना भवन नहीं होने के कारण पिछले 10 साल से स्वारघाट की सरकारी आईटीआई दुकानों में चल रही है। हालांकि भवन निर्माण के लिए 6 करोड़ 50 लाख 46 हजार रुपये मंजूर हैं लेकिन इसके बाद भी अभी तक भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जबकि शिलान्यास पट्टिका भी अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ दी गई है।
उपरोक्त समस्या की वजह से आईटीआई किराये के भवन में चल रही है। कमरों के अभाव के चलते युवाओं के लिए केवल मात्र दो ही ट्रेड चलाए जा रहे हैं। उपरोक्त प्रक्रिया के चलते तकनीकी शिक्षा मुहैया कराये जाने के प्रदेश सरकार के दावों की जमीनी सच्चाई कोसों दूर नजर आ रही है।
उल्लेखनीय है कि 24 मार्च 2017 को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने स्वारघाट में टिंबर डिपो के पास बनने वाली आईटीआई स्वारघाट के भवन की आधारशिला रखी थी, लेकिन बावजूद इसके डेढ़ साल का अरसा बीत जाने के बाद भी आईटीआई स्वारघाट के भवन के नाम पर आज तक एक भी ईंट नहीं लग सकी है।
हालांकि स्वारघाट के समीप टिंबर डिपो के पास आईटीआई के नाम 8 बीघा व 10 बिस्वा भूमि नाम हो चुकी है। भवन निर्माण के लिए पूर्व वीरभद्र सरकार ने 6 करोड़ 50 लाख 46 हजार रुपये के बजट का प्रावधान भी किया है, लेकिन हैरानी कि बात है कि आधारशिला रखने के डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी आईटीआई स्वारघाट के भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं पाया। गौर रहे कि दस साल पहले खोली गई स्वारघाट की आईटीआई का अपना भवन नहीं होने के कारण आज भी इसे किराये के भवन में ही चलाया जा रहा है। इस कारण आईटीआई के बच्चों को बुनियादी तकनीकी सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं।
आईटीआई स्वारघाट का अपना भवन तैयार हो जाने के बाद उसमें विभिन्न ट्रेड खोले जाने की व्यवस्था हो सकेगी। जबकि आईटीआई स्वारघाट का अपना भवन तैयार हो जाएगा तो उसके बाद इसमें करीब 7 ट्रेड एक साथ चलाने की क्षमता रहेगी।
लोक निर्माण विभाग मंडल नंबर-2 बिलासपुर के एक्सईएन आत्मा राम कालिया से उक्त मामले पर बात की गई तो उन्होंने कहा है कि तकनीकी निदेशालय सुंदरनगर की तरफ से करीब एक करोड़ बजट की पहली किस्त लोनिवि महकमे को मिल चुकी है लेकिन टेंडर प्रक्रिया के लिए बजट राशि का कम से कम 40 फीसदी बजट का प्रावधान होना जरूरी है।