बिलासपुर। राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली कलाकारों के नाम रही। पहाड़ी कलाकारों ने पारंपरिक परिधानों में एक से बढ़कर एक पहाड़ी गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। चौपाल के हेमंत शर्मा के गाने ओ वे लालिये हो..., पर पंडाल में बैठे दर्शक झूम उठे।
नलवाड़ी मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में ग्रामीण विकास, पंचायतीराज पशु पालन एवं मत्स्य मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। शाम छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हो गए। इसके बाद सबसे पहले उन पांच बच्चों को मंच दिया गया, जोकि उभरते हुए कलाकार हैं। इसके बाद स्थानीय कलाकार मंच पर आना शुरू हुए। बिलासपुर की शिवांगी ने ओ साथी... व हीर गाने पर शानदार प्रस्तुति दी। इसके अलावा दीक्षा वर्मा, फूलन देवी, संतोष जोशी, रंजना, रमेश, जावेद इकबाल, भारत भूषण, प्रिंस, रविंद्र कुमार, राकेश चंद शर्मा, कमल ठाकुर, विनय शंकर, राकेश, कंचन मेला मंच, प्रकाश, कर्ण सिंह, संजीव शर्मा, सुलेखा, नीतीश राजपूत, रमेश कटोच, हंसराज, रंजीत भारद्वाज, नरेंद्र राही ने भी प्रस्तुतियां दीं।
स्टार कलाकारों में दलीप शर्मा ने अपनी टीम के साथ हिमाचली परिधानों में स्टेज पर आकर धमाल मचाया। उन्होंने पानी री टांकी..., हे मनशां जाने दे प्योके..., हम सिरमौरी छोकरे कम नहीं...., पर जमकर धमाल मचाया। इसके बाद स्टेज पर आए ठियोग के किशन वर्मा ने पारंपरिक परिधानों के साथ गणेेश वंदना से गानों की शुरुआत की। इसके बाद नवरात्रों को लेकर चंद्रघंटा माता के रूप में प्रस्तुति दी। उन्होंने पहाड़ी गीत तेरा-मेरा प्यार अड़िये...., कांडा टूटो गुमरों रा...., होशो मितरा..., पाता पानो रा ओ मेरी..., पर जमकर धमाल मचाया। वहीं लवन बैंड ने फोक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। उन्होंने अपने पहले हिंदी गाने बंदया वे इश्का ते वार खुदाई... पर शानदार प्रस्तुति दी। अंत में स्टार नाइट कलाकार चौपाल के हेमंत शर्मा ने नाटियां प्रस्तुत कीं। उन्होंने ओ वे लालिये हो...नाटी प्रस्तुत की। इसके बाद मेरे खाने जलेबिये..., तेरा-मेरा प्यार कमली..., चल ठूमके वालिये... नाटियों पर जमकर धमाल मचाया।